अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्हें नहीं लगाता कि ईरानी फुटबॉल टीम का इस साल अमेरिका की सह मेजबानी में होने वाले वर्ल्ड कप में शामिल होना सही होगा। उन्होंने इसका कारण ईरानी खिलाड़ियों की सुरक्षा चिंता बताया। दोनों देश मौजूदा समय में युद्ध कर रहे हैं। इससे पहले बुधवार को ईरान के खेल मंत्री ने कहा था कि ईरान फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर कहा कि, ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का वर्ल्ड कप में स्वागत है, लेकिन मुझे सच में नहीं लगता कि उनका यहां होना उनकी जान और सुरक्षा के लिए सही होगा। इससे पहले फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा था कि ट्रंप ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि ईरानी खिलाड़ियों और कोच का स्वागत किया जाएगा। न्यूज एजेंसी एपी से व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर ईरान के हिस्सा लेने के बारे में इन्फेंटिनो को ट्रंप के संदेश की पुष्टि की।
हालांकि, व्हाइट हाउस ने ये साफ नहीं किया है कि ट्रंप का अपनी जान और सुरक्षा से क्या मतलब है। क्या वह 28 फरवरी से छिड़ी जंग के बाद अमेरिका में ईरानी खिलाड़ियों को खतरे को लेकर संकेत दिए हैं। टूर्नामेंट में 48 टीमों में से एक ईरान को कैलिफोर्निया के इंगलवुड में 15 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ और 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ खेलना है। फिर 26 जून को सिएटल में मिस्त्र के खिलाफ ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच खेलना है।
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