कार्डियो के बाद प्रोटीन शेक पीने के फायदे
वेट लॉस के समय प्रोटीन लीन मसल मास को बनाए रखने में सहायता करता है। जोकि धावकों और खिलाड़ियों के लिए बेहद जरूरी होता है।
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एक्सरसाइज के बाद रिकवरी भी बेहद जरूरी होती है। जिसमें प्रोटीन शेक अहम रोल निभाता है। इस तरह से ट्रेनिंग को बिना गैप के ज्यादा नियमित तरीके से कर पाते हैं।
अगर आप फैट लॉस या वेट लॉस के लिए कार्डियो कर रहे हैं, तो वर्कआउट के बाद प्रोटीन शेक भूख को कंट्रोल करने और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में अहम भूमिका निभाता है।
जानिए कितना प्रोटीन है जरूरी
वैसे तो अधिकतर लोगों को वर्कआउट के बाद 20-30 ग्राम हाई क्वालिटी प्रोटीन की जरूरत होती है। लेकिन इन बातों पर भी इसकी मात्रा निर्भर करती है।
दिन भर में ली गई प्रोटीन की कुल मात्रा
कार्डियो का समय और तीव्रता
साथ ही ट्रेनिंग से क्या लक्ष्य पाना चाहते हैं।
कैसे चुनें सही प्रोटीन
नो फिलर्स, लो शुगर और क्लीन इंग्रीडिएंट्स वाले प्रोटीन शेक चुनना चाहिए।
व्हे और प्लांट बेस्ड प्रोटीन का ऑप्शन चुनना चाहिए। जैसे राइस या मटर जैसे सोर्स से तैयार हुआ प्रोटीन।
आप प्रोटीन को फुल मील के बजाय शेक के रूप में ले सकते हैं। आप इसको जिम में भी आसानी से ले जा सकते हैं। शेक के अलावा आप ओट्स, बेक्ड चीजों और पुडिंग में भी प्रोटीन पाउडर मिला सकते हैं।
न करें ये गलतियां
काफी लोग कार्डियो के बाद कार्ब और हाइड्रेशन लेना नहीं भूलते हैं, लेकिन प्रोटीन लेना भूल जाते हैं। जिस कारण उनकी रिकवरी स्लो पड़ जाती है।
बता दें कि प्रोटीन शेक खाने का ऑप्शन नहीं बल्कि सप्लीमेंट है। क्योंकि भले ही कार्डियो को बाद आप प्रोटीन शेक लेते हों, लेकिन कार्डियो सेशन से कुछ घंटे पहले बैलेंस डाइट लेना न भूलें।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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