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- CJP Pressure Group Statement | Chhatrapati Sambhajinagar Abhijeet Deepke
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CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया को संबोधित किया।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बुधवार को कहा कि CJP फिलहाल राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- अभी भारत को एक मजबूत प्रेशर ग्रुप की जरूरत है, इसलिए CJP फिलहाल उसी भूमिका में काम करेगी।
दीपके ने कहा- अगर हम राजनीतिक पार्टी बनाते, तो हमारा आंदोलन सफल नहीं होता। आंदोलन इसलिए सफल हुआ, क्योंकि अलग-अलग विचारधाराओं और राजनीतिक दलों के लोग लोकतंत्र को कमजोर करने वाली चीजों के खिलाफ एक साथ आए। आज भारत को किसी नई राजनीतिक पार्टी की नहीं, बल्कि एक मजबूत जन आंदोलन की जरूरत है।
छत्रपति संभाजीनगर में CJP की आज से दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में दीपके ने बताया कि इसमें जंतर-मंतर आंदोलन की समीक्षा, E20 पेट्रोल, शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि संगठन को देशभर में कैसे मजबूत किया जाए।

दीपके बोले- झारखंड के प्रदर्शन में जाएंगे, 3 बड़ी बातें…
- हमारे आंदोलन को सिर्फ शिक्षा के मुद्दे पर समर्थन नहीं मिला। लोगों ने इसलिए साथ दिया, क्योंकि राजनीतिक व्यवस्था, न्यायपालिका, मीडिया और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर उनका भरोसा कम हो गया है।
- मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था बहुत खराब स्थिति में है और लोकतांत्रिक संस्थाओं में लोगों का भरोसा वापस लाने के लिए व्यापक जन आंदोलन और जनता के दबाव की जरूरत है।
- CJP झारखंड जाएगी और वहां आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ खड़ा रहेगी। हम झारखंड के छात्रों की हर मांग का समर्थन करते हैं। अब हमारी चर्चा इस बात पर होगी कि देशभर में अपने आंदोलन को कैसे मजबूत किया जाए।
छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस कराने की मांग को लेकर सरकार से बातचीत चल रही है। घायल प्रदर्शनकारियों को कानूनी और मेडिकल मदद देने की भी तैयारी की जा रही है। सौरव ने बताया कि सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक संगठन के मेंटर बने रहेंगे और संगठन समय-समय पर उनसे सलाह लेगा।
नीट पेपर लीक के बाद चर्चा में आई थी CJP
अभिजीत दीपके 6 जून को अमेरिका से भारत लौटे थे। उन्होंने नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था। इस आंदोलन में देश के अलग-अलग हिस्सों से युवा दिल्ली पहुंचे थे, जिन्होंने सुधारों की मांग की थी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।
जेन-जी से मिले समर्थन के बाद यह आंदोलन काफी चर्चा में रहा और पिछले हफ्ते धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। CJP का आंदोलन देश के कई शहरों में फैल गया था, लेकिन इस दौरान दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बिहार में प्रदर्शन हिंसक हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ मामले दर्ज किए थे।

महाराष्ट्र के अभिजीत AAP के साथ काम कर चुके
30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजीनगर के रहने वाले हैं। पेशे से डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।

कॉकरोच पार्टी ने स्टूडेंट्स की लीगल मदद के लिए फंड बनाया
कॉकरोच जनता पार्टी ने 27 जुलाई को पेपर लीक आंदोलन के बाद आपराधिक मामलों का सामना कर रहे छात्रों की कानूनी सहायता के लिए लीगल डिफेंस फंड बनाने की घोषणा की थी।
सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने इस फंड में 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था। उन्होंने देशभर के वकीलों से भी इस कोष में योगदान देने की अपील की थी।
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि केंद्र सरकार के आश्वासन के बावजूद देशभर में छात्रों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की आशंका है। उन्होंने यह भी बताया था कि इस मामले में CJP सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के संपर्क में है। उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें…
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