BTech Seats in IITs: JoSAA काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन से पहले टॉप IITs की बीटेक सीटों को जानना जरूरी है। इस साल 23 IITs में कुल 18,951 सीटें हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 1,919 सीटें आईआईटी खड़गपुर में उपलब्ध हैं।
IIT और NIT में सीटों का नया गणित
इस साल जोसा काउंसलिंग के जरिए देश भर के 23 इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IITs), 32 नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी(NITs), 26 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIITs) और अन्य सरकारी सहायता प्राप्त तकनीकी संस्थानों (GFTIs) में एडमिशन दिया जाएगा।
IITs में सीटें : इस वर्ष सभी 23 आईआईटी में कुल सीटों की संख्या बढ़कर 18,951 हो गई है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है।
NITs में सीटें: देश भर के एनआईटी और आईआईईएसटी (IIEST) शिवपुर में इस बार कुल सीटों का आंकड़ा बढ़कर 25,162 तक पहुंच गया है।
IIITs में सीटें: IT के क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए IIIT में सीटें बढ़कर 11,518 कर दी गई हैं। इंजीनियरिंग सीटों में यह विस्तार स्थापित संस्थानों में क्षमता विकासऔर नई आधुनिक तथा इनोवेटिव बीटेक ब्रांचेस (जैसे एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस) को शुरू किए जाने की वजह से हुआ है।
किस IIT में है कितनी सीटें?
| IIT का नाम | उपलब्ध सीटों की संख्या |
|---|---|
| आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) | 1,919 |
| आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी (IIT BHU Varanasi) | 1,589 |
| आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) | 1,360 |
| आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) | 1,353 |
| आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) | 1,239 |
| आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) | 1,210 |
| आईआईटी (आईएसएम) धनबाद (IIT ISM Dhanbad) | 1,210 |
| आईआईटी मद्रास (IIT Madras) | 1,121 |
| आईआईटी गुवाहाटी (IIT Guwahati) | 962 |
| आईआईटी पटना (IIT Patna) | 817 |
एडमिशन का मुख्य आधार और जोसा चॉइस फिलिंग
संस्थानों में सीटों का आवंटन पूरी तरह से छात्रों के राष्ट्रीय स्तर के परीक्षा स्कोर पर निर्भर करेगा। देश के 23 आईआईटी में दाखिला केवल जेईई एडवांस्ड 2026 (JEE Advanced 2026) की ऑल इंडिया रैंक के आधार पर होगा। वहीं दूसरी ओर, एनआईटी (NIT), आईआईआईटी (IIIT) और जीएफटीआई (GFTI) में एडमिशन पाने के लिए जेईई मेन 2026 (JEE Main 2026) की ऑल इंडिया रैंक को मुख्य आधार माना जाएगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपनी रैंक के अनुसार पिछले वर्षों के कट-ऑफ को ध्यान से समझें और जोसा पोर्टल पर उपलब्ध ‘सीट मैट्रिक्स टूल’ का बुद्धिमानी से उपयोग कर अपनी प्राथमिकताओं (चॉइस लॉकिंग) को दर्ज करें।
महिला छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था
इंजीनियरिंग क्षेत्र में लैंगिक विविधता को बढ़ावा देने के लिए इस बार भी विशेष प्रयास किए गए हैं। स्थापित नियमों के तहत, महिला उम्मीदवारों के लिए स्वीकृत सीटों के ऊपर अतिरिक्त सुपरन्यूमरेरी सीटें बनाई गई हैं, ताकि विभिन्न कैंपसों में छात्राओं का प्रतिनिधित्व लगभग 20 प्रतिशत तक सुनिश्चित किया जा सके। सबसे खास बात यह है कि इन अतिरिक्त सीटों के निर्माण से अन्य सामान्य श्रेणी या अन्य श्रेणियों के छात्रों के लिए उपलब्ध सीटों की संख्या में कोई कमी नहीं आती है।
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