दिल्ली में 12-13 सितंबर को ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) के लिए 20 से ज़्यादा देशों के नेता आ रहे हैं। इनमें सबसे खास हैं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन। इतने बड़े नेताओं के भारत की राजधानी में होने की वजह से पूरी दिल्ली अभेद्य किले में तब्दील हो गई है और राजधानी को हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में बदल दिया गया है। इनमें सबसे पहले पुतिन 11 सितंबर को ही दिल्ली पहुंच गए हैं और उन्होंने पीएम मोदी के साथ शुक्रवार को द्विपक्षीय वार्ता की। वार्ता के बाद पुतिन अपनी अभेद्य बंकर कार में पीएम मोदी के साथ बैठकर प्रदर्शनी देखने गए।
चलता फिरता बंकर है पुतिन की कार, जानें नाम
पुतिन के काफिले में आमतौर पर लगभग दो दर्जन कारें होती हैं। विदेश यात्राओं के दौरान, वे अपनी बुलेटप्रूफ और ब्लास्ट-रेसिस्टेंट ‘ऑरस सेनेट’ (Aurus Senat) कार में सफर करते हैं। इसकी खासियत की बात करें तो इसमें खास रूफ डिज़ाइन और सिग्नल जैमिंग जैसी खूबियां हैं।
पुतिन जिस बख्तरबंद ‘ऑरस सीनेट’ लिमोजीन कार का इस्तेमाल करते हैं, उसे ‘चलते-फिरते बंकर’ के नाम से जाना जाता है। इसे सीधे मॉस्को से लाया जाता है। स्नाइपर-शूटर की गोलीबारी, बारूदी सुरंगों और केमिकल हमलों का सामना करने के लिए बनी इस गाड़ी में ‘रन-फ्लैट’ टायर और इमरजेंसी में ऑक्सीजन की अलग से सप्लाई की सुविधा है।

शी जिनपिंग की कार का नाम क्या है
शी जिनपिंग की बख्तरबंद कार ‘होंगकी N701’ है, जिन्हें विदेश यात्रा के दौरान हमेशा हवाई जहाज़ से ले जाया जाता है। इन खास कारों में रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) और स्नाइपर हमलों से सुरक्षा के लिए खास इंतज़ाम किए गए हैं। ये कार सिर्फ़ 8.5 सेकंड में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार पकड़ सकती हैं।
कैसी है जिनपिंग की कार
माना जाता है शी जिनपिंग की कार Hongqi N701 की लंबाई लगभग 5.5 मीटर या करीब 18 फ़ीट है। इसी Hongqi की L5 लिमोज़ीन में 2025 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन यात्रा के दौरान सफर किया था। इसका साइज़ और लुक इसे H9 जैसे आम प्रोडक्शन मॉडल से अलग बनाता है।
जिनपिंग की कार
जानें खासियत
इस गाड़ी में 21-इंच के बुलेटप्रूफ पहिए और टायर, बुलेटप्रूफ ग्लास और मज़बूत बाहरी आर्मर प्लेटिंग का इस्तेमाल किया गया है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इसे छोटे विस्फोटक उपकरणों के असर को झेलने के लायक बनाया जा सकता है और इसमें एयर-कम्प्रेशन सिस्टम भी हो सकता है, जो केमिकल हमले की स्थिति में इसमें बैठे लोगों की सुरक्षा कर सके।
खबरों के मुताबिक, इसे 6.0-लीटर V12 इंजन से पावर मिलती है जो लगभग 408 hp की पावर देता है। हालांकि, कंपनी ने इंजन की पावर या कॉन्फ़िगरेशन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, और Hongqi V8 इंजन भी बनाती है जिनका इस्तेमाल सरकारी गाड़ियों में किया जा सकता है।
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