बिंद्यारानी देवी ने ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को कांस्य पदक दिलाया है। उन्होंने भारत को 6वां पदक दिलाया है। उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 112 किलोग्राम भार उठाया, कुल मिलाकर 199 किलोग्राम का वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
ये हैं भारत के अब तक के पदक विजेता:
- मीराबाई चानू, भारोत्तोलन स्वर्ण
2. ऋषिकांत सिंह चाननबम, भारोत्तोलन में रजत पदक विजेता
3. राजा मुथुपंडी, भारोत्तोलन रजत
4. ज्ञानेश्वरी यादव, भारोत्तोलन रजत
5. झंडू कुमार, पैरा पॉवरलिफ्टिंग कांस्य
6. बिंद्यारानी देवी, भारोत्तोलन कांस्य
स्नैच में विंद्या का दमदार प्रदर्शन
भारतीय महिला वेटलिफ्टर बिंद्यारानी ने 58 किलो भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नैच में 87 किलो वजन उठाया। उनके तीनों प्रयास सफल रहे। बिंदियारानी ने स्नैच के पहले प्रयास में 83 किलो वजन उठाने का फैसला किया और वह इसमें सफल रहीं। उन्होंने पहले 85 किलो वजन रजिस्टर कराया था, लेकिन आखिरी मिनटों में उन्होंने वजन कम करने का फैसला किया। स्नैच के दूसरे प्रयास में बिंद्या ने वजन बढ़ाया और 85 किलो वजन उठाने का फैसला किया। उन्हें 85 किलो वजन उठाने में कोई परेशानी नहीं हुई। फिर तीसरे प्रयास में उन्होंने 87 किलो वजन उठाया।
क्लीन एंड जर्क में पहला प्रयास असफल, उसके बाद दमदार वापसी
बिंद्या का क्लीन एंड जर्क में पहला प्रयास नो लिफ्ट करार दिया गया। उन्होंने पहले प्रयास में 110 किलो वजन रजिस्टर कराया और उठाया भी। पहले इसे सफल प्रयास दिया गया, लेकिन ज्यूरी ने रिव्यू किया जिसके बाद पहला प्रयास नो लिफ्ट करार दिया गया। हालांकि, उन्होंने दूसरे प्रयास में दमदार वापसी की। 112 किलो वजन उठाया और खुद को पदक की रेस में शामिल किया। बिंद्या के सामने एकमात्र अड़चन इंग्लैंड की एलिजा प्राट थीं जो कांस्य की दौड़ में बनी हुई थीं। हालांकि, प्राट क्लीन एंड जर्क में अपने आखिरी प्रयास में 113 किलो वजन नहीं उठा सकीं जिससे बिंद्या का कांस्य पक्का हो गया। भारत के लिए यह गर्व की बात रही।
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