सोमवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग के फ़ाइनल में भारत की बिंदियारानी देवी ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, जो देश का कुल छठा मेडल था। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम वज़न उठाया, जिससे उन्हें तीसरा स्थान मिला, जबकि नाइजीरिया की रफ़ियातू फ़ोलाशादे ने 229 किलोग्राम वज़न उठाकर गोल्ड मेडल जीता। 2022 में, बिंदियारानी ने बर्मिंघम गेम्स में महिलाओं के 55 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था।
मणिपुर की रहने वाली बिंदियारानी ने 2019 में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था और 2021 के एडिशन में सिल्वर मेडल हासिल किया था। उन्होंने 2023 एशियन चैंपियनशिप में भी सिल्वर मेडल जीता था। इससे पहले एशियाई चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव ने राष्ट्रमंडल खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा में महिलाओं के 53 किलो वर्ग में लगातार बनते टूटते रिकॉर्ड के बीच सोमवार को रजत पदक जीता।
छत्तीसगढ के भोंडिया गांव की ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो समेत कुल 199 किलो वजन उठाया। नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला ने राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 206 किलो वजन उठाते हुए स्वर्ण पदक जीता।
उन्होंने स्नैच में 93 किलो और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वजन उठाया। कनाडा की रेबेका ग्राउल ने 178 किलो वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। ज्ञानेश्वरी ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन करना चाहती थी जो किया। स्वर्ण पदक की हैट्रिक लगाने वाली मीराबाई चानू को प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्होंने कहा कि मीरा दीदी प्रेरणा देती हैं और जब उन्होंने 48 किलो में स्वर्ण जीता तो मुझे लगा कि मुझे भी जीता चाहिये।
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