गर्मियों में सेहत का ध्यान न रखा तो मुसीबत बढ़ जाती हैं। तापमान बढ़ता है हीटवेव की समस्या झेलने पड़ती है। भीषण गर्मी में शरीर का काफी नुकसान पहुंचता है। गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है। शुरुआत में इसके लक्षण हल्के लगते हैं, लेकिन गलती से लक्षण को नजरअंदाज कर दिया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। हीट एग्जॉस्टशन और हीटस्ट्रोक जैसी खतरनाक समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।
मौसम गर्म और उमस भरा होता है, तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना निकालता है। पसीने के साथ ही शरीर से पानी और जरुरी मिनरल्स बाहर निकल आते हैं। यदि आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीतें, तो शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन होने लगता है।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
अक्सर डिहाइड्रेशन होने पर कई बार पेशाब कम आने लगती है और मांसपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है। ये सभी संकेत बताते हैं कि शरीर को तुरंत पानी और आराम की जरुरत है। आइए आपको डिहाइड्रेशन के अन्य लक्षण के बारे बताते हैं-
-बहुत ज्यादा प्यास लगना
-मुंह सूखना
-होंठ फटना
-सिरदर्द
-चक्कर आना
-कमजोरी
-थकान
-ड्राई स्किन
-गहरे रंग का पेशाब
डिहाइड्रेशन बढ़ने से क्या होता है?
अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पिएंगे, तो डिहाइड्रेशन गंभीर रूप ले सकता है। पानी की कमी के कारण ब्लड प्रेशर कम हो सकता है, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ सकता है और इसका असर कई अंगों पर देखने को मिलता है। जिसके बाद से हीट एग्जॉस्टशन और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
हीट एग्जॉस्टशन क्या है?
हीट एग्जॉस्टशन यानी गर्मी से अत्याधिक थकावट होने से व्यक्ति को बहुत ही ज्यादा कमजोरी, चक्कर आना, पसीना, सिरदर्द और बेचैनी की समस्या देखने को मिलती है। यदि आप इस स्थिति में खुद को आराम नहीं दिया और पानी नहीं पीया, तो हीटस्ट्रोक की समस्या हो सकती है।
हीटस्ट्रोक क्या है ?
लू लगना गर्मी के मौसम में होने वाली सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इस दौरान शरीर का तापमान अचानक अत्यधिक बढ़ जाता है और शरीर की प्राकृतिक ठंडक बनाए रखने की क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इसके प्रमुख संकेतों में तेज बुखार, धड़कन का बढ़ना, मतली या उल्टी, घबराहट, चक्कर आना, बेहोशी और सांस लेने में परेशानी शामिल हो सकते हैं। यदि स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाए तो इसका असर मस्तिष्क, हृदय और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर भी पड़ सकता है। ऐसे लक्षण नजर आते ही बिना देरी किए चिकित्सक की सलाह लेना बेहद जरूरी होता है।
गर्मी का स्किन पर क्या असर देखने को मिलता है?
गर्मी के कारण सिर्फ शरीर के अंदर ही नहीं, बल्कि स्किन पर भी दिखाई देता है। अधिक गर्मी के चलते और पानी की कमी के कारण त्वचा सूखी और बेजान नजर आने लगती है। सनबर्न, जलन और होंठ फटना भी आम समस्याएं हैं। अक्सर त्वचा की समस्या शरीर में पानी की कमी का संकेत होती है।
गर्मी का डाइजेशन पर असर
गर्मियों के दौरान पाचन संबंधी परेशानियां काफी देखने को मिलती हैं। गर्मियों के मौसम में भोजन और पानी जल्दी खराब हो जाती है, जिससे बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। गर्मियों में ताजा और साफ भोजन खाना काफी जरुरी है। बासी खाना और बाहर का दूषित खाना खाने से बचें। वरना आप इन समस्याओं से परेशान हो सकते हैं-
-अपच
-गैस
-एसिडिटी
-उल्टी
-दस्त
-फूड पॉइजनिंग
लाइफस्टाइल के कारण बढ़ता है डिहाइड्रेशन
लाइफस्टाइल के चलते भी डिहाइड्रेशन का प्रमुख लक्षण देखने को मिलता है। कई लोग लंबे समय तक घर के बाहर रहते हैं, ट्रैफिक में सफर करते हैं और वर्क में इतने व्यस्त रहते हैं कि समय पर पानी पीना भूल ही जाते हैं। कई लोग पानी की जगह ज्यादा चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक पीते हैं। इससे शरीर को सही हाइड्रेशन नहीं मिल पाता। जिस कारण से पानी की कमी बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए रेगुलर रुप से पानी जरुर पिएं।
शरीर को कैस हाइड्रेट रखें?
खूब पानी पिएं, पानी पीने केलिए प्यास का इंतजार न करें। गर्मियों में नियमित रुप से पानी पीना जरुरी है। सुबह से ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शुरु कर देना चाहिए। इसके अतिरिक्त नारियल पानी, नींबू पानी और ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) भी सकते हैं, ये शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है।
इतना ही नहीं, गर्मियों में पानी से भरपूर फल खाने चाहिए जैसे कि तरबूज, खीरा, खरबूजा और संतरा शरीर को ठंडक देते हैं और पानी की कमी पूरी करते हैं। हालांकि, तला-भुना मसालेदार और बाहर का खाना खाने से बचें। सिगरेट, शराब और चाय-कॉफी शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं इसलिए इनका सेवन करने से बचें।
गर्मी से खुद को जरुर बचाएं
गर्मी के मौसम में हमेशा हल्का, स्वच्छ और ताजा भोजन खाना बेहतर माना जाता है। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी और तरल पदार्थ लेते रहें। तेज धूप और लू के समय खासकर दोपहर में बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े, तो आरामदायक सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें, सिर को टोपी या गमछे से ढकें तथा त्वचा को धूप से बचाने के लिए सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल सबसे ज्यादा रखें क्योंकि पानी की कमी जल्दी हो सकती है। यदि किसी को लगातार चक्कर आए, बहुत कमजोरी महसूस हो, सांस लेने में परेशान हो या बेहोशी जैसा लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
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