आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर और आईटी सेक्टर की बढ़ती मांग के कारण BCA स्टूडेंट्स के बीच एक पॉपुलर कोर्स बन चुका है। जिन छात्रों को 12वीं के बाद सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामिंग, डेटा और आईटी फील्ड में करियर बनाना है, उनके लिए बीसीए कोर्स एक अच्छा ऑप्शन है।
क्या होता है बीसीए
बीसीए यानी बैचलर ऑफ कंप्यूटर अप्लीकेशन (BCA), जो एक अंडरग्रेजुएट कोर्स है। आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर और आईटी सेक्टर की बढ़ती मांग के कारण BCA स्टूडेंट्स के बीच एक पॉपुलर कोर्स बन चुका है। जिन छात्रों को 12वीं के बाद सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामिंग, डेटा और आईटी फील्ड में करियर बनाना है, उनके लिए बीसीए कोर्स एक अच्छा ऑप्शन है।
कितने साल का होता है बीसीए
अक्सर छात्रों के मन में होता है कि बीसीएस कितने साल का कोर्स है। बता दें कि यह 3 साल का कोर्स है। हालांकि हायर एजुकेशन पॉलिसी के तहत कुछ यूनिवर्सिटी 4-वर्षीय बीसीएस ऑनर्स या फिर रिसर्च का ऑप्शन भी दे सकते हैं।
बीसीए के बाद क्या कर सकते हैं?
छात्र जब अपने करियर की प्लानिंग करते हैं, तो दूर तक सोचते हैं। ऐसे में ज्यादातर छात्रों के मन में सवाल होता है कि बीसीएस के बाद आगे क्या कर सकते हैं। बता दें कि बीसीए के बाद एमबीए और एमसीए की पढ़ाई कर सकते हैं, दोनों ही करियर के लिए बेस्ट ऑप्शन होते हैं। MBA के बाद आप IT मैनेजर, HR मैनेजर, प्रोडक्ट मैनेजर, बिजनेस एनालिस्ट या मैनेजर बन सकते हैं। वहीं, MCA के बाद सॉफ्टवेयर डेवलपर, वेब डेवलपर, डेटा साइंटिस्ट, क्लाउड इंजीनियर या साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बनकर नौकरी हासिल कर सकते हैं। MBA आपको मैनेजमेंट की फील्ड में आगे बढ़ाएगा और MCA आपको टेक्नोलॉजी का एक्सपर्ट बना सकता है।
करियर स्कोप
करियर की बात करें, तो बीसीएस करने के बाद आप सॉफ्टवेयर डेवलपर, वेब डेवलपर, प्रोग्रामर, सॉफ्टवेयर टेस्टर से जुड़े पदों और अन्य IT या ITES क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। वहीं, ज्यादातर बच्चे सोचते हैं कि बीसीएस के बाद सिर्फ प्राइवेट सेक्टर में ही जॉब है। लेकिन ऐसा नहीं है, BCA ग्रेजुएट्स के लिए बैंकिंग, रेलवे, एसएससी, यूपीएससी और सरकारी आईटी डिपार्टमेंट में कई शानदार मौके मौजूद हैं। BCA ग्रेजुएट्स SBI PO, SBI Clerk, IBPS PO और IBPS Clerk जैसी परीक्षाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या होता है बीटेक
अब बात करते हैं बीटेक की। BTech यानी बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी, जो एक इंजीनियरिंग डिग्री है। यह 4 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स होता है। BTech में कई ब्रांच होते हैं, जैसे- कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, मैकेनिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग। जिस भी ब्रांच में आपकी दिलचस्पी होती है, उसे आप चुन सकते हैं। जैसे अगर आप BTech कंप्यूटर साइंस के ब्रांच से पढ़ाई करते हैं, तो आपको प्रोग्रामिंग और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के साथ एल्गोरिदम्सस, डेटा स्ट्रक्चर्स और ऑपरेटिंग सिस्टम्स और अन्य टेक्निकल सब्जेक्ट को विस्तार से पढ़ना पड़ता है। बता दें कि बीटेक में प्रवेश के लिए JEE Main, राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा या यूनिवर्सिटी स्तर की प्रवेश परीक्षाओं को देना पड़ता है।
बीटेक के बाद करियर स्कोप
बीटेक के बाद सरकारी और प्राइवेट दोनों ही सेक्टर्स में नौकरी के ढेरों अवसर मिलते हैं। आईटी कंपनियों के लाखों के पैकेज से लेकर सरकारी विभागों की सम्मानित नौकरियों तक, बीटेक के बाद करियर के दरवाजे हर दिशा में खुलते हैं। हालांकि कुछ लोग इसके बाद एमटेक या एमबीए भी कर लेते हैं। अगर आपने बीटेक कंप्यूटर साइंस या आईटी से किया है तो आईटी सेक्टर रेड कारपेट बिछाकर तैयार रहता है। इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपर, वेब डेवलपर, डेटा एनालिस्ट, क्लाउड इंजीनियर और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ जैसे प्रमुख पद शामिल हैं।
बीटेक की डिग्री के बाद सरकारी नौकरी पाने के बेहतरीन मौके होते हैं। आप BHEL, NTPC, IOCL जैसी बड़ी PSU कंपनियों में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बन सकते हैं। इसके अलावा बीटेक पास छात्रों के लि रेलवे, रक्षा सेवाएं और UPSC की भारतीय इंजीनियरिंग सेवा में जाने का विकल्प खुला रहता है।
बीसीए और बीटेक के लिए योग्यता
BCA और BTech की एलिजिबिलिटी भी अलग है। BCA में एडमिशन के लिए सामान्यतः 12वीं पास होना जरूरी होता है। जबकि BTech में एडमिशन के लिए सामान्यतः 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स महत्वपूर्ण विषय होते हैं और संस्थान की एडमिशन पॉलिसी के अनुसार केमिस्ट्री, बायोलॉजी, बायोटेक या अन्य स्वीकृत विषयों में से एक की आवश्यकता हो सकती है।
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