Organic Marigold Farming Tips: पारंपरिक खेती के बीच छपरा के किसानों ने अब मोटा मुनाफा कमाने का नया रास्ता खोज लिया है. मांझी प्रखंड के शीतलपुर गांव के प्रगतिशील और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किसान बागेंद्र कुशवाहा इन दिनों गेंदे की जैविक खेती से मिसाल पेश कर रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से इस तकनीक को अपनाकर वे न केवल मिट्टी बचा रहे हैं, बल्कि बंपर कमाई भी कर रहे हैं. बागेंद्र यूरिया या DAP के बजाय घर पर तैयार जीवामृत का उपयोग करते हैं. इससे मिट्टी की उर्वरक शक्ति बढ़ती है. पौधों में फूलों की संख्या इतनी अधिक होती है कि वे सजे हुए गुलदस्ते जैसे दिखते हैं. जैविक विधि के कारण खाद का खर्च शून्य हो जाता है. नवंबर-दिसंबर में लगाई गई यह फसल बाजार में भारी मांग के कारण किसानों को तगड़ा रिटर्न दे रही है. सारण की धरती पर गेंदे का यह सफल प्रयोग उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कम निवेश में खेती को मुनाफे का बिजनेस बनाना चाहते हैं.
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.