पंजाबियों की सेवा देखकर ऑस्ट्रेलिया की नर्स इतनी इंप्रेस व मोटिवेट हुई कि वह खुद को पंजाब की बेटी बता रही है। नर्स निकोले का कहना है कि कोरोना काल में जिस तरह से पंजाबी नर्सों ने अपनी जान पर खेलकर ऑस्ट्रेलियाई बुजुर्गों की जान बचाई, उसके लिए वह मरते दम तक पंजाबियों की कर्जदार रहेंगी। निकोले पंजाबी कल्चर को जानने के लिए इसी साल पंजाब पहुंचीं। यहां उन्होंने बाजारों में शॉपिंग की और फिर एक पंजाबी शादी में भी शामिल हुईं। पटियाला के बनूड़ में वह बुजुर्गों से बात करते दिखीं। पंजाब से प्रभावित निकोले अब पंजाबी भी सीख रही हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सत श्री अकाल के बाद तुसी किद्दां हों जैसे शब्द बोलने सीख लिए हैं। वह गोल्डन टेंपल अमृतसर भी पहुंचीं। जिसके बाद निकोले ने कहा कि ये सच में सुकून वाली जगह है। मेरी यहां आने की बहुत इच्छा थी। इस दौरान निकोले ने ऑस्ट्रेलिया में पंजाबी नर्स के तौर पर काम कर रहे हरमनजीत पर हमला करने का भी कड़ा विरोध किया। निकोले ने कहा कि हमलावरों की परवरिश सही नहीं हुई। हरमनजीत पर जिम से बाहर आते वक्त कुछ ऑस्ट्रेलियाई युवकों ने हमला किया था। जिसमें वह बुरी तरह से जख्मी हुए थे। ऑस्ट्रेलियाई नर्स ने पंजाब-पंजाबियों के बारे में क्या कहा… पंजाबी नर्स पर हमले को लेकर निकोले ने क्या कहा
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