यूएई के बल्लेबाज आसिफ खान पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 15 महीने का बैन लगाया है। 36 वर्षीय बल्लेबाज को मेस्टेरोलोन का इस्तेमाल करना भारी पड़ा।
क्रिकेट की वैश्विक संस्था आईसीसी ने एक बयान में कहा, ”36 वर्षीय आसिफ ने आईसीसी की डोपिंग रोधी संहिता के नियम 2.1 के उल्लंघन की बात स्वीकार कर ली है और विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) तथा इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के साथ मामले के समाधान संबंधी समझौते के तहत सजा स्वीकार कर ली।” आईसीसी ने कहा, ”आसिफ को आठ अक्टूबर से किसी टीम के साथ अभ्यास करने या किसी क्लब अथवा आईसीसी की सदस्य संस्था की सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति होगी लेकिन वह आठ दिसंबर से ही प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी के लिए पात्र होंगे।”
आसिफ ने 2022 से इतने मैच खेले
आसिफ के आठ सितंबर 2025 से लेकर 29 दिसंबर 2025 को उनके अस्थायी निलंबन की शुरुआत तक के व्यक्तिगत परिणामों को अमान्य कर दिया गया है। आसिफ ने 2022 में डेब्यू के बाद से यूएई के लिए 38 वनडे और 56 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। दाएं हाथ के बल्लेबाज आसिफ 2017 में यूएई चले गए थे। इससे पहले उन्होंने पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट में 32 प्रथम श्रेणी मैच खेले थे। वहीं, आईसीसी पिछले महीने इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के क्रिकेटर बोडुगुम अखिलेश रेड्डी पर एंटी-करप्शन कोड के तीन नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद उन पर आठ साल के लिए सभी तरह की क्रिकेट गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया था। प्रतिबंध 21 नवंबर, 2025 से लागू माना जाएगा (जिस तारीख को उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था) और नवंबर 2033 तक चलेगा। अखिलेश ने अमेरिका के लिए चार टी-20 मैच खेले, जो सभी अप्रैल 2025 में हुए थे।
अखिलेश रेड्डी ने जांच में बाधा डाली
रेड्डी पर आरोप अबू धाबी टी-10 के 2025 एडिशन से जुड़े हैं, जिसमें आईसीसी ने एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड की ओर से ‘डेजिग्नेटेड एंटी-करप्शन ऑफिशियल’ (डीएसीओ) के तौर पर काम किया था। अखिलेश को कोड के आर्टिकल 2.1.1 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। यह आर्टिकल मैचों के नतीजों, प्रोग्रेस, संचालन या किसी अन्य पहलू को फिक्स करने, उसमें हेरफेर करने या गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश से जुड़ा है। उन्हें आर्टिकल 2.1.4 के तहत भी दोषी पाया गया, जिसमें किसी दूसरे खिलाड़ी को आर्टिकल 2.1.1 का उल्लंघन करने के लिए उकसाना, बहकाना, लालच देना, निर्देश देना, मनाना, बढ़ावा देना या जानबूझकर मदद करना शामिल है। इसके अलावा, ट्रिब्यूनल ने उन्हें आर्टिकल 2.4.7 का उल्लंघन करने का भी दोषी पाया। यह पाया गया कि उन्होंने अपने मोबाइल डिवाइस से डेटा और मैसेज डिलीट करके जांच में बाधा डाली।
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