भारत के नागरिक उड्डयन नियामक (DGCA) ने एअर इंडिया पर 1.10 लाख डॉलर (करीब 1 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एक एयरबस विमान को बिना ‘एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट’ (उड़ने की योग्यता का सर्टिफिकेट) के 8 बार उड़ाए जाने के कारण की गई है। नियामक ने एक गोपनीय आदेश में कहा है कि इस चूक से देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन पर जनता का भरोसा और कम हुआ है। क्या है पूरा मामला?
PTI के अनुसार मामला 26 नवंबर 2025 का है, जब एअर इंडिया ने खुद रेगुलेटर DGCA को इस चूक की जानकारी दी थी। कंपनी ने बताया था कि उनके एक एयरबस A320 नियो विमान का एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका था, फिर भी उसे 24 और 25 नवंबर को 8 रेवेन्यू सेक्टर्स (व्यावसायिक उड़ानों) में इस्तेमाल किया गया। इसके बाद 2 दिसंबर को DGCA ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद अब रेगुलेटर ने भारी जुर्माना ठोक दिया है। एयर इंडिया की सफाई: सभी कमियां दूर कर ली गई हैं
जुर्माने की खबर के बाद एअर इंडिया ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। एयरलाइन ने कहा कि हमें DGCA का आदेश मिल गया है। यह मामला उस घटना से जुड़ा है जिसकी जानकारी हमने खुद 2025 में अथॉरिटी को दी थी। हमने अपनी जांच में जो भी कमियां पाई थीं, उन्हें पूरी तरह ठीक कर लिया गया है और इसकी रिपोर्ट रेगुलेटर को दी गई है। टाटा के पास आने के बाद कई बार लगा जुर्माना
जब से टाटा ग्रुप ने एअर इंडिया की कमान संभाली है, तब से एयरलाइन अपनी सर्विस सुधारने की कोशिश कर रही है, लेकिन रेगुलेटरी उल्लंघन के मामले भी सामने आए हैं। इससे पहले भी पायलटों की ट्रेनिंग में कमी, क्रू मेंबर्स के व्यवहार और तकनीकी खामियों के चलते DGCA एअर इंडिया पर कई बार लाखों-करोड़ों का जुर्माना लगा चुका है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर रेगुलेटर अब काफी सख्त रुख अपना रहा है। अहमदाबाद- एअर इंडिया विमान हादसे में 270 लोगों की मौत हुई थी
पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा था।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.