सावन का महीना भोलेनाथ के नाम होता है और इस महीने में भक्त अलग-अलग शिव मंदिरों के दर्शन के लिए जाते हैं। ऐसे में यहां हम यूपी के 5 शिव मंदिरों के बारे में बता रहे हैं। जहां आप दर्शन के लिए जा सकते हैं।
1) काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर भारत के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। गंगा किनारे बसा ये मंदिर शिव भक्तों के लिए काफी खास है। सावन और महाशिवरात्रि के समय पर ये मंदिर भक्तों से भरा होता है। माना जाता है कि यहां पर दर्शन करने और गंगा नहाने से मोक्ष की प्राप्ती होती है।
2) मनकामेश्वर मंदिर
यमुना नदी के पास बना मनकामेश्वर मंदिक एक प्राचीन शिव मंदिर है। भक्तों का मानना है कि यहां की मांगी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मनकामेश्वर मंदिर आगरा, लखनऊ और प्रयागराज में है। तीनों की अपनी मान्यताएं हैं। लखनऊ में गोमती नदी के किनारे बसे मंदिर की मान्यता है कि भगवान राम के भाई लक्ष्मण ने यहां प्राचीन काल में शिव जी की आराधना की थी। वहीं प्रयागराज में यमुना नदी के किनार पर स्थित स्वयंभू शिवलिंग की मान्यता है कि माता सीता ने यहां पूजा की थी।
3) लोधेश्वर महादेव मंदिर
लोधेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है, जो उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में है। यह पांडवों से जुड़ी कथाओं वाला एक फेमस तीर्थ स्थल है। महाशिवरात्रि और सावन के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं।
4) बटेश्वर मंदिर परिसर
उत्तर प्रदेश में यमुना नदी के किनारे बसे बटेश्वर गांव में स्थित हिंदू मंदिरों का एक ऐतिहासिक समूह है। जहां 100 से ज्यादा मंदिर हैं और इनमें से कई भगवान शिव को समर्पित हैं। इस जगह को शिव मंदिरों की लंबी कतार और पवित्र घाटों के लिए जाना जाता है।
5) तिलभंडेश्वर महादेव मंदिर
तिलभंडेश्वर महादेव मंदिर वाराणसी के सबसे पुराने और सबसे सम्मानित शिव मंदिरों में से एक है। यह मंदिर खास तौर पर अपने स्वयंभू शिव लिंग के लिए मशहूर है। मंदिर की पुरानी मान्यता है कि यह लिंग हर साल तिल के दाने के बराबर बढ़ता है।
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