गुटखा से लंग कैंसर होने के कारण
- गुटखा खाने से लंग कैंसर का खतरा करीब डेढ़ गुना से भी ज्यादा होता होता है। भले ही ये सांस के जरिए सीधे फेफड़ों तक नहीं पहुंचते लेकिन बड़े ही आसानी से लार के जरिए शरीर में घुलकर लंग्स को नुकसान पहुंचाते हैं।
- गुटखा को चबाने से जो खतरनाक लार बनती है वो जब निगलने पर शरीर के अंदर जाती है तो इसमे कॉर्सिनोजेन्स पैदा होते हैं जो ब्लड में घुलकर फेफड़ों तक पहुंचते हैं।
- वहीं तंबाकू में मौजूद निकोटिन और नाइट्रोसामाइन्स ब्लड के जरिए सीधे डीएनए को डैमेज करते हैं। डीएनए डैमेज होने के साथ ही फेफड़ों के साथ शरीर के अलग-अलग हिस्सो में ट्यूमर बनते हैं। इसलिए गुटखा-खैनी की लत छुड़ाना जरूरी है।
गुटखा-खैनी की लत छुड़ाने का नुस्खा
अगर किसी को गुटखा-खैनी की लत से आजादी चाहिए तो आयुर्वेदिक डॉक्टर सुभाष गोयल का ये देसी नुस्खा आपके काम आ सकता है। गुटखा-खैनी वालों को मुंह में हमेशा कुछ रखने की जरूरत महसूस होती है। ऐसे में डॉक्टर सुभाष गोयल ने बताया कि हथेली पर थोड़ी सी अजवाइन को लेकर रखें और उस पर एक चुटकी सेंधा नमक डाल दें। हथेली पर ही नमक और अजवाइन को रगड़ें और फिर जिस तरह गुटखा या खैनी को मुंह में किनारे दबाते हैं वैसे ही रख लें। करीब तीन से चार घंटे तक गुटखा-खैनी खाने की जरूरत नहीं होगी। ये नुस्खा ना केवल गुटखा और खैनी की लत छुड़ाने में मदद करेगा। अजवाइन को मुंह में रखने से ये लार में घुलकर पाजन को सही करेगी और मुंह में हो रहें छालों को भी ठीक करने में मदद करेगी।
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