भारतीय महिला हॉकी टीम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। शानदार खेल, मजबूत रणनीति और पूरे टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन के दम पर भारत ने नेशंस कप का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर न केवल ट्रॉफी जीती बल्कि अगले सत्र की प्रो लीग में भी अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है।
गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब भारतीय महिला टीम ने नेशंस कप का खिताब जीता है। इससे पहले भारत ने वर्ष 2022 में इस प्रतियोगिता के पहले संस्करण में भी चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। इस बार भी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया है।
फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक रवैया अपनाया। मैच के चौथे मिनट में नवनीत कौर ने दंड कोना अवसर को गोल में बदलकर भारत को शुरुआती बढ़त दिला दी। उनके इस गोल ने टीम का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया। इसके बाद 15वें मिनट में सुनेलिता टोप्पो ने दीपिका के प्रयास को दिशा देते हुए गेंद को जाल में पहुंचाया और भारत की बढ़त 2-0 कर दी।
बता दें कि शुरुआती दो गोलों के बाद भारतीय टीम ने अपने खेल में संतुलन बनाए रखा। खिलाड़ियों ने रक्षण पंक्ति को मजबूत रखते हुए न्यूजीलैंड को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया। हालांकि मेजबान टीम ने गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन भारतीय रक्षण पंक्ति और गोलकीपर सविता ने हर चुनौती का मजबूती से सामना किया।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अंतिम चरण में न्यूजीलैंड को दंड कोना अवसर भी मिला था, लेकिन अनुभवी गोलकीपर सविता ने शानदार बचाव करते हुए विपक्षी टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पूरे मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों की अनुशासित रक्षण रणनीति और तेज खेल ने न्यूजीलैंड को दबाव में बनाए रखा।
यदि पूरे टूर्नामेंट की बात करें तो भारत ने शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा था। समूह चरण में भारतीय टीम ने अमेरिका, जापान और उरुग्वे जैसी टीमों को हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद सेमीफाइनल में चिली को 6-0 के बड़े अंतर से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
भारतीय टीम की ओर से दीपिका ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल छह गोल किए और प्रतियोगिता की संयुक्त रूप से सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी रहीं। अमेरिका की एश्ले सेसा ने भी छह गोल किए। वहीं फाइनल मुकाबले में लालरेमसियामी को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
बता दें कि इस जीत के साथ भारत ने अगले सत्र की प्रो लीग में वापसी का रास्ता भी बना लिया है। प्रो लीग को विश्व हॉकी की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में गिना जाता है, जहां दुनिया की शीर्ष टीमें हिस्सा लेती हैं। ऐसे में भारत की यह सफलता भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारतीय टीम की उपलब्धि का सम्मान करते हुए हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की है। प्रत्येक खिलाड़ी को तीन लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को डेढ़ लाख रुपये दिए जाएंगे।
खेल जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। नेशंस कप का यह खिताब और प्रो लीग में वापसी इस बात का संकेत है कि भारतीय महिला हॉकी अब विश्व स्तर पर मजबूत दावेदारी पेश करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। यह जीत खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और टीम भावना का शानदार उदाहरण मानी जा रही है।
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