सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमे एक महिला ने नेचुरल इको फ्रेंडली स्ट्रॉ शेयर किया है। कागज के स्ट्रॉ ड्रिंक में डालते ही गल जाते हैं तो वहीं प्लास्टिक के पाइप नेचर के लिए सही नहीं ऐसे में ये आइडिया लोगों को खूब पसंद आ रहा।
प्लास्टिक, कागज और कांच-स्टील से बने स्ट्रॉ क्यों नहीं है कारगर
कांच और स्टील से बने स्ट्रॉ भले ही लंबा चलते हों लेकिन इसे लोग कम पसंद करते हैं क्योंकि इन स्ट्रॉ से मुंह में चोट लगने का डर होता है। खासतौर पर बच्चों के लिए ये काफी ज्यादा खतरनाक होते हैं। कई जगह तो स्टील की स्ट्रॉ से मुंह में चोट लगने की घटनाएं भी हो चुकी हैं।
वहीं कागज की स्ट्रॉ पाइप तो ड्रिंक में डालते ही गलना शुरू कर देती है। ऐसे में कई बार एक से ज्यादा स्ट्रॉ की जरूरत पड़ जाती है।
और, अगर प्लास्टिक की स्ट्रॉ की बात की जाए तो इससे शरीर में माइक्रोप्लास्टिक जाने का खतरा रहता है और ये पर्यावरण के लिए भी हार्मफुल होता है। अब जब स्ट्रॉ से ड्रिंक पीने के इतने सारे नुकसान हैं तो लोग कहेंगे कि स्ट्रॉ का यूज ही ना किया जाए तो जरा इस महिला के वीडियो को देख लें। जिसमे उन्होंने इकोफ्रेंडली स्ट्रॉ का ऑप्शन शेयर किया है।
पपीते के पेड़ की डंठल है नेचुरल स्ट्रॉ
कैलाश वती अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अक्सर पेड़-पौधे और उनसे जुड़े उपायों को शेयर करती रहती हैं। उन्होंने नेचर की दी हुई नेचुरल पाइप को शेयर किया है। वो बताती हैं कि पपीते की डंठल एक नेचुरल स्ट्रॉ है। पपीते की टहनी दरअसल अंदर से खोखली होती है और ये एक नेचुरल पाइप का काम करती है। बस इसे नमक वाले पानी से धोकर आराम से किसी भी ड्रिंक, पानी को पीने में इस्तेमाल कर सकते हैं।
पपीते की टहनी से छह महीना तक यूज होने वाली स्ट्रॉ होगी तैयार
उन्होंने बताया कि इस पपीते की टहनी से आप करीब छह महीना तक यूज होने वाली स्ट्रॉ बनाई जा सकती है। इसे बनाने के लिए बस पपीते की डंठल को तोड़कर बराबर टुकड़ों में काट लें और फिर इन डंठलों को स्टरलाइज कर दें। फिर धूप में सुखा लें। बस आपकी नेचुरल इको फ्रेंडली स्ट्रॉ रेडी है। जिसे आप आराम से 6 महीने तक यूज कर सकती हैं।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.