विंबलडन की पूर्व चैंपियन मार्केटा वांद्रोसोवा को सोमवार को डोपिंग रोधी परीक्षण से इनकार करने के कारण चार साल के लिए निलंबित कर दिया गया।
चेक गणराज्य की इस खिलाड़ी ने कहा कि जब परीक्षण एजेंट ने बिना अपनी सही पहचान बताए देर रात उनके दरवाजे की घंटी बजाई तो उन्हें ‘मानसिक तनाव’ और डर महसूस हुआ।
अंतरराष्ट्रीय टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि वांद्रोसोवा ने दिसंबर में परीक्षण कराने से इनकार कर दिया था और यह फैसला एक स्वतंत्र पंचाट ने लिया है।
वर्ष 2023 में विंबलडन जीतने वाली वांद्रोसोवा उसी साल करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग (नंबर छह) पर पहुंची थीं।
छब्बीस वर्षीय वांद्रोसोवा ने अप्रैल में एक इंस्टाग्राम पोस्ट में परीक्षण नहीं करवा पाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
वांद्रोसोवा ने कहा था, ‘‘मेरे लिए इस बारे में बात करना बहुत मुश्किल है लेकिन मैं अपनी मानसिक सेहत के बारे में आप लोगों के साथ खुलकर बात करना चाहती हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हाल ही में डोपिंग नियंत्रण वाली घटना इसलिए हुई क्योंकि महीनों के शारीरिक और मानसिक तनाव के बाद मैं बहुत अधिक परेशान हो गई थी।’’
यानिक सिनर, इगा स्वियातेक और सिमोना हालेप के बाद वांद्रोसोवा डोपिंग मामले में शामिल होने वाली नवीनतम बड़ी टेनिस खिलाड़ी बन गई हैं।
वांद्रोसोवा का प्रतिबंध 21 जून 2030 को खत्म होगा। वह इस फैसले के खिलाफ स्विट्जरलैंड स्थित खेल पंचाट में अपील कर सकती हैं।
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