संगीत-नृत्य की दुनिया में दक्षिण कोरियाई बैंड बीटीएस, ब्लैकपिंक के दबदबे और स्ट्रे किड्स, सेवनटीन जैसे ग्रुप की वैश्विक लोकप्रियता के बीच जापान की 7 लड़कियों का बैंड एक्सजी (एक्स्ट्राऑर्डिनरी जीनस) का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। अमेरिका के कोचेला म्यूजिक फेस्टिवल में अपने संगीत-नृत्य का लोहा मनवा चुकी एक्सजी का अगला प्रदर्शन लंदन के वेम्बली स्टेडियम में सितंबर में होगा, जिसकी चर्चा अभी से है। पॉप म्यूजिक की दुनिया में स्टार बनने की एक्सजी का यह सफर धैर्य, बेजोड़ अनुशासन और अदम्य मानसिक मजबूती की अनूठी मिसाल है। 2016 में हजारों लड़कियों के ऑडिशन में 21 का चयन एक्सजी के लिए 2016 में जापान भर के हजारों लड़कियों का ऑडिशन हुआ। इसमें से 21 को ट्रेनिंग के लिए चुना गया। सभी को एक डॉर्मिटरी में साथ रहती थी। सुबह से रात तक संगीत-नृत्य का अभ्यास कराया जाता। कई भाषाओं में बोलने की ट्रेनिंग भी दी जाती। यहां अनुशासन काफी सख्त था। यहां तक कि वे सोशल मीडिया पर फोटो तक साझा नहीं कर सकती थीं। एक बार एक लड़की ने सोशल मीडिया पर तस्वीर अपलोड कर दी, तो उसे कड़ी फटकार लगाई गई। अंत में 7 बैंड के लिए चुनी गईं। अस्तित्व की लड़ाई ग्रुप की सदस्य माया ट्रेनिंग को शारीरिक और मानसिक रूप से ‘खुद के खिलाफ एक लड़ाई’ बताती हैं। जबकि चिसा ने इस ट्रेनिंग को शुद्ध रूप से जीवित बचे रहने का संघर्ष कहा। छह साल की ट्रेनिंग के बीच ही एक्सजी की लड़कियों के बीच आपसी समझ बेहतर हुई। चिसा कहती हैं, अच्छे तरीके से हम एक-दूसरे को बेहतर बनने के लिए पुश करते थे। इससे टीम ज्यादा संगठित होती गईं। हिनाता बताती हैं कि हर सदस्य का अपना स्टाइल है। फिर भी वे एक साथ मूव करती हैं। यादें – खून से सने जूते और लीडर जुरीन का पैनिक अटैक ग्रुप की मुख्य रैपर कोकोना जब 12 साल की थी, तब एक ही स्टेप को दिन में 500 बार करने से उनके पैरों के नाखून टूट गए थे। कई बार तलवों से खून बहने लगता था। जब वे दर्द से चीखती थीं, तो ट्रेनर्स तरस खाने के बजाय कहते थे, ‘दर्द से हार मान रही हो, तो स्टेज का सपना भूल जाओ।’ कोकोना पैरों पर टेप लपेटकर दोबारा नाचने लगती थीं। ग्रुप की जिम्मेदारी संभाल रहीं लीडर जुरीन को एक बार लगातार 18 घंटे की प्रैक्टिस के बाद फ्लोर पर ही गंभीर पैनिक अटैक आया और वे सांस के लिए तड़पने लगी थीं। इसी कठोर श्रम से बीटीएस और ब्लैकपिंक के बीच एक्सजी ने नया इतिहास रचा है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.