क्या है क्रिएटिन
बता दें कि क्रिएटिन एक तरह का यौगिक कंपाउंड होता है। जो शरीर में अमीनो एसिड की मदद से बनता है। यह नेचुरल रूप से किडनी, लिवर और पैंक्रियाज में बनता है। कुछ खाद्य पदार्थों में भी क्रिएिन पाया जाता है। क्रिएटिन की सहायता से मसल रिकवरी होती है। इससे मसल लॉस को कम करने और स्टैमिना को बढ़ाने में मदद मिलती है।
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क्रिएटिन के मेंटल हेल्थ के लिए फायदे
इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। इस ऊर्जा का इस्तेमाल शरीर थकान और स्ट्रेस को कम करने के लिए करता है।
यह ब्रेन फंक्शन और याददाश्त को भी सपोर्ट करने में सहायता करता है।
क्रिएटिन की मदद से एकाग्रता और फोकस बढ़ाने में सहायता मिलती है।
यह डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने के साथ मूड को बेहतर बनाने में भी मदद करता है।
क्रिएटिन की कमी
मांस-मछली को क्रिएटिन का अच्छा स्त्रोत माना जाता है। इसलिए शाकाहारी लोगों में इसकी कमी हो सकती है। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि हर शाकाहारी व्यक्ति में क्रिएटिन की कमी हो। बीमार और बुजुर्ग लोगों में भी इसकी कमी हो सकती है।
जानें ज्यादा क्रिएटिन लेने के नुकसान
डिहाइड्रेशन की समस्या होना
मतली या फिर पेट दर्द की समस्या
पेट में गैस होना
पेट फूलना
वहीं अगर किसी व्यक्ति को किडनी की बीमारी है, तो आपको बिना डॉक्टर की सलाह के क्रिएटिन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा प्रेग्नेंट महिलाओं और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को भी बिना डॉक्टर की सलाह या जांच के बगैर इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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