भारत में घूमने और देखने के लिए काफी कुछ है लेकिन क्या आपने छत्तीसगढ़ के छोटा तिब्बत के बारे में सुना है। इस खूबसूरत जगह पर पानी उल्टी दिशा में बहता हुआ दिखता है और जमीन हिलती हुई। चलिए आपको इस सुंदर जगह के बारे में पूरी जानकारी देते हैं।
छत्तीसगढ़ की कौन सी जगह है?
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट गांव को भारत का छोटा तिब्बत कहा जाता है। ये जगह शांत, हरियाली से भरपूर, खूबसूरती के लिए जानी जाती है। मैनपाट की खूबसूरत वादियों को देखकर आप शिमला-मनाली को भूल जाएंगे। साथ ही इस जगह की संस्कृति, खानपान और मठ-मंदिर तिब्बत की सभ्यता को दर्शाते हैं।
क्यों कहलाता है भारत का छोटा तिब्बत
10 मार्च 1959 को तिब्बत पर चीन के कब्जे के बाद वहां के बहुत से शरणार्थी भारत आकर बस गए। इनमें से एक बसेरा बना मैनपाट और कई तिब्बती यहां रहने लगे। शुरुआत में तिब्बती लोगों ने यहां पर कैंप बनाकर रहना शुरू किया और फिर धीरे-धीरे उन्होंने अपने घर बनाए। उसके बाद से यहां पर कुछ तिब्बती रह रहे हैं और कुछ सरगुजा जिले और उसके आस-पास के लोग भी रहते हैं।
मैनपाट में घूमने-देखने को है काफी कुछ
मैनपाट सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं बल्कि अपनी कुछ अनोखी चीजों के लिए भी मशहूर है। यहां पर पानी उल्टी दिशा में बहता है और जमीन थुलथुली सी महसूस होती है। अगर आप मैनपाट जाएं, तो इन खास जगहों को एक्सप्लोर करना बिल्कुल न भूलें।
- बिसरपानी गांव का उल्टा पानी- मैनपाट के करीब में बसा है बिसरपानी गांव, जहां पर पानी नीचे से ढलान की ओर जाता हुआ दिखाई देता है। साधारण तौर पर पानी ढलान से नीचे गिरता है लेकिन वहां ऐसा नहीं होता। इसे साइंस में ग्रेविटी हिल माना जाता है, यहां गुरुत्वाकर्षण (Gravity) सामान्य ही रहता है। पानी वास्तव में नीचे की ओर ही बहता है, लेकिन देखने पर ऐसा लगता है कि वह ऊपर की ओर जा रहा है।
- जलजली- छत्तीसगढ़ में ही मौजूद इस जगह को जंपिंग लैंड भी कहा जाता है। जलजली एक घास से ढका दलदली (Marshy) इलाका है, जहां जमीन पर उछलने या जोर से पैर रखने पर पूरी सतह हिलती या उछलती हुई महसूस होती है। इसी वजह से इसका नाम “जलजली” पड़ा। जलजली की जमीन के नीचे पानी, पीट (Peat), जैविक पदार्थ और हवा की परतें मौजूद हैं, जब भी कोई इस पर जोर से कूदता है तो जमीन पूरी सतह स्पंज या गद्दे की तरह हिलने लगती है।
- तिब्बती बौद्ध मंदिर- मैनपाट में आपको तिब्बती बौद्ध मंदिर के दर्शन भी करने को मिलेंगे। दलाई लामा के अनुयायियों ने यहां पर इस मंदिर का निर्माण कराया था और आज भी तिब्बती लोग यहां पर दर्शन के लिए जाते हैं।
- टाइगर मेन प्वाइंट- मैनपाट में आप टाइगर मेन प्वाइंट भी घूमने जा सकते हैं। हरी-भरी वादियों और प्राकृति के करीब जाना चाहते हैं, तो यहां जरूर जाएं। यहां करीब 50–60 फीट ऊंचाई से पानी गिरता है, जो मानसून के दौरान बेहद आकर्षक दिखाई देता है। खास बात ये है कि नीचे तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हैं, जहां पर्यटक झरने को करीब से देख सकते हैं।
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