र्मी में बढ़ता हुआ पारा हमारे शरीर पर असर करता है। जब तापमान अधिक होता है, तो इसकी वजह से हमारे कई बॉडी फंक्शंस पर प्रभाव पड़ता है। भीषण गर्मी के कारण सिरदर्द, चक्कर आना और उल्टी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं, यह बातें तो हम सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते है तेज गर्मी का असर बीपी और शुगर पर भी होता है और इसी कारण ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल बढ़ने-घटने लगते हैं। आइए आपको बताते हैं हेल्थ एक्सपर्ट से जानते हैं।
तेज गर्मी में क्यों बढ़ता-घटता है बीपी और शुगर लेवल?
– गर्मियों में डिहाइड्रेशन और शरीर के स्ट्रेस रिस्पॉन्स के कारण बीपी और शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। तेज गर्मी से पसीना ज्यादा आता है और इसकी वजह से ब्लड गाढ़ा होने लगता है। ब्लड में ग्लूकोज कंसंट्रेट होने लगता है और इसकी वजह से शुगर लेवल अधिक बढ़ने लगता है। क्योंकि ये कोर्टिसोल और वैसोप्रेसिन हार्मोन बढ़ने के कारण होता है।
– इसके अतिरिक्त डिहाइड्रेशन के कारण से ब्लड वॉल्यूम कम होने लगता है और बीपी लो हो सकता है। हालांकि, शरीर को ठंडा करने के लिए कई बार धमनियां चौड़ी हो जाती हैं, जिस कारण से ब्लड प्रेशर में कमी या अधिकता देखने को मिलती है।
– ब्लड शुगर की बात करें, तो गर्मी में रक्त वाहिकाओं में इंसुलिन का अब्जॉर्बशन अधिक हो जाता है। अगर जो लोग पहले से डायबिटीज की दवाई ले रहे हैं, उन्हें हाइपोग्लाइसीमिया यानी शुगर लो होने का खतरा रहता है। कुछ लोगों में इंसुलिन के इस्तेमाल में मुश्किल आ सकती है।
– डायबिटीज पेशेंट्स पर इसका ज्यादा असर देखने को मिलता है, क्योंकि नर्वस सिस्टम पसीना आना शुरु हो जाता है और शरीर को ठंडा करने में मुश्किल पैदा हो सकती है।
– तेज गर्मी के कारण शरीर का ज्यादा गर्म हो जाना है, डिहाइड्रेशन के कारण बीपी लो हो सकता है और चक्कर आना शुरु हो जाते हैं।
– गर्मियों में पसीने के वजह से बॉडी डिहाइड्रेट रहता है और इसका सीधा असर ब्लड शुगर लेवल पर रहता है।
– इसलिए दिन 3-4 बार बीपी चेक करें। बाहर धूप में कम निकलें और हमेशा हाइड्रेट रहें।
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