बच्चे ने चलना सीखा और आपने उसके लिए एक सुंदर डिजाइन का क्रॉक्स या क्लॉग्स खरीद दिया। चूंकि इसी फुटवियर का ट्रेंड है तो इसके फायदे-नुकसान के बारे में पैरेंट्स नहीं सोचते। जबकि बच्चों के लिए ये क्लॉग्स हार्मफुल हो सकते हैं, जानें कैसे और कौन से फुटवियर बच्चों के लिए अच्छे माने जाते हैं।
पैरों के आकार में दिक्कत
बच्चों को क्लॉग्स पहनाने के लिए अक्सर डॉक्टर मना करते हैं। उनका मानना है कि इन फुटवियर की डिजाइन कुछ ऐसी होती है कि बच्चे के पैरों के नेचुरल आर्च को सपोर्ट नहीं मिलता, जिससे बच्चे का पैर फ्लैट हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चों के तलवों में आर्च का डेवलपमेंट 5 साल की उम्र तक होता रहता है और जब आप एक से दो साल की उम्र में ही क्लॉग्स पहनाने लगते हैं तो ये आर्च सपोर्ट पूरी तरह से बन ही नहीं पाता।
चोट लगने का डर
वहीं क्लॉग्स कभी भी पूरी तरह से पैरों में फिट नहीं होते, ये हल्के ढीले होते हैं जिससे बच्चे के दौड़ते, खेलते और चलते समय गिरने का डर बना रहता है।
पैरों में दर्द की शिकायत
बच्चे के पैरों को पूरी तरह से सपोर्ट नहीं मिलता। क्लॉग्स पहनने पर बच्चे इस ढीले फुटवियर को संभालकर चलते हैं जिससे उनके पैरों में दर्द रहता है। वहीं चूंकि इसमे हील का सपोर्ट कम होता है इस वजह से भी पैरों में दर्द बच्चे महसूस करते हैं।
स्किन में रैशेज
अगर क्लॉग्स खराब मैटेरियल का बना हुआ है तो इससे बच्चों के पैर में पसीना ना सोखने की वजह से रैशेज, खुजली और फंगस पनपने लगता है। जिससे फंगल इंफेक्शन का भी खतरा बना रहता है। इसलिए क्लॉग्स को बच्चों के पैरों के लिए हमेशा सुरक्षित नहीं माना जाता है। कुछ समय के लिए, पानी वाली जगह पर जैसे पूल, बीच पर पहनना सही है।
बढ़ते हुए बच्चों को स्लीपर पहनाना क्यों जरूरी है?
बढ़ते हुए बच्चों को स्लीपर पहनाने की सलाह डॉक्टर देते हैं। इसके कई कारण है, पहला तो ये बच्चों के तलवों को पूरी तरह सपोर्ट करता है और उनके नेचुरल आर्च को बनने का मौका देता है। वहीं वी शेप वाली स्लीपर जब बच्चे को पहनाई जाती है तो बच्चे के माइंड, पैर का कॉर्डिनेशन बढ़िया होता है। बच्चे अपने अंगूठे और उंगलियों के इस्तेमाल से स्लीपर को पकड़कर कर रखने की कोशिश करते हैं। जिससे उनके बॉडी, माइंड और आई मूवमेंट सही होते हैं। जो कि बढ़ते हुए बच्चे के लिए जरूरी होता है।
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