कहा भी जाता है कि कोई भी कार्य न तो समय से पहले करना चाहिए और न ही समय के बाद, बल्कि उसे उचित समय पर ही करना चाहिए। खासकर कर्ज जैसे वित्तीय लेन-देन के मामले में। अब आइए समझते हैं कि आखिर सिबिल स्कोर क्यों गिर जाता है?
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पहला, पुराना लोन एकाउंट बंद हो जाता है: जब आप लोन फोरक्लोज करते हैं, तो वह अकाउंट “बंद” दिखने लगता है। यदि वह आपका पुराना और अच्छे भुगतान रिकॉर्ड वाला अकाउंट था, तो आपकी “क्रेडिट हिस्ट्री लेंथ” कम मानी जाती है, जिससे स्कोर थोड़ा गिर सकता है।
दूसरा, क्रेडिट मिक्स प्रभावित होता है: क्रेडिट ब्यूरो यह भी देखते हैं कि आपके पास किस प्रकार के कर्ज हैं: जैसे-सिक्योर्ड लोन (होम/कार), अनसिक्योर्ड लोन (पर्सनल/क्रेडिट कार्ड)। यदि आपने एकमात्र होम लोन या ऑटो लोन बंद कर दिया, तो आपका क्रेडिट मिक्स कमजोर हो सकता है।
तीसरा, अचानक एक्टिव क्रेडिट कम होना: स्कोरिंग मॉडल यह भी देखते हैं कि आप सक्रिय रूप से क्रेडिट को जिम्मेदारी से संभाल रहे हैं या नहीं। सभी लोन जल्दी बंद होने पर कुछ समय के लिए “एक्टिव क्रेडिट बेहवीयर” कम दिख सकता है।
चौथा, फोरक्लोजर की रिपोर्टिंग: कुछ मामलों में बैंक “फोरक्लोज्ड” स्टेटस अपडेट करते हैं। हालांकि यह डिफॉल्ट नहीं होता, लेकिन कुछ एल्गोरिद्म इसे सामान्य ईएमआई कम्पलीशन से अलग तरीके से पढ़ते हैं।
पांचवां, बैंक द्वारा रिपोर्टिंग डिले या एरर कई बार: लोन बंद हो गया लेकिन सिबिल में “आउटस्टैंडिंग” दिखता रहता है या “सेटल्ड” अपडेट हो जाता है। “सेटल्ड” शब्द स्कोर को भारी नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि इसका मतलब होता है कि पूरा भुगतान नहीं हुआ।
छठा, “क्लोज्ड” और “सेटल्ड” में बड़ा अंतर: चूंकि ये दोनों शब्द लोन भुगतान की प्रवृति के द्योतक होते हैं जो उनकी स्थिति, अर्थ और स्कोर पर असर डालता है। यहां क्लोज्ड का मतलब होता है कि पूरा लोन सही तरीके से चुका दिया गया है जो सकारात्मक स्थिति है। जबकि सेटल्ड का मतलब होता है कि बैंक से समझौता कर कम रकम चुकाई गई है जो नकारात्मक स्थिति का द्योतक होता है। इसलिए फोरक्लोजर के बाद अपनी सिबिल रिपोर्ट जरूर जांचें।
सातवां, आगे क्या करना चाहिए?: बैंक से फोरक्लोजर लेटर संभालकर रखें। नो ड्यूज सर्टिफिकेट, लोन क्लोज़र लेटर, एनओसी जरूर लें। वहीं सिबिल ऑफिसियल वेबसाइट पर सिबिल रिपोर्ट चेक करें और देखें कि लोन क्लोज्ड दिख रहा है या नहीं, कोई ओवरड्यू तो नहीं दिख रहा है, या फिर “सेटल्ड” तो नहीं लिखा हुआ है। वहीं कोई गलती होने पर तुरंत डिस्प्यूट रेज करें, यानी कि यदि रिपोर्ट गलत है, तो तत्क्षण डिस्प्यूट दर्ज करें।
आठवां, फोरक्लोजर के बाद क्रेडिट कार्ड का उपयोग संतुलित रखें: क्रेडिट कार्ड में क्रेडिट यूटिलाइजेशन कम रखें। साथ ही क्रेडिट कार्ड की ईएमआई/बिल समय पर भरें तो स्कोर वापस सुधर जाता है। सवाल है कि आखिर स्कोर कितने समय में सुधरता है? तो यह जान लीजिए कि आमतौर पर 30–90 दिनों में सुधार शुरू हो जाता है। यदि बाकी रीपेमेंट हिस्ट्री अच्छी है, तो स्कोर फिर बढ़ने लगता है।
सबसे अंतिम और महत्वपूर्ण बात यह है कि लोन जल्दी चुकाना वित्तीय अनुशासन का संकेत है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकतर मामलों में सिबिल स्कोर की गिरावट अस्थायी होती है, बशर्ते आपकी रिपोर्ट में कोई तकनीकी गलती या “सेटल्ड” एंट्री न हो।
– कमलेश पांडेय
वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
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