मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों के DA में अभी भी 22% का अंतर है। पहले यह अंतर 42% था, लेकिन हाल ही में घोषित 20% DA बढ़ोतरी के बाद इसमें काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि सरकार एक साथ पूरा अंतर खत्म नहीं कर सकती, लेकिन इसे चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों का बकाया DA भी समय आने पर दिया जाएगा।
सरकार ने हाल ही में 7वें राज्य वेतन आयोग (7th State Pay Commission) का भी गठन किया है। चार सदस्यीय यह आयोग कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों की समीक्षा करेगा। आयोग को प्राथमिकता के आधार पर 6 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि रिपोर्ट मिलते ही उसकी सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के पुलिसकर्मियों सहित सभी सरकारी कर्मचारियों को लंबे समय से बेहतर वेतन और भत्तों का इंतजार है। अब सरकार वेतन ढांचे में सुधार कर उसे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के करीब लाने की दिशा में काम कर रही है। अगर 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें तय समय पर लागू होती हैं, तो आने वाले महीनों में पश्चिम बंगाल के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को वेतन और भत्तों में बड़ा फायदा मिल सकता है।
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