वाशिंगटन, दो अक्टूबर (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की चेतावनी दिए जाने के बाद अमेरिकी सेना पश्चिम एशिया में जहाजों के जरिए करीब 9,000 अतिरिक्त सैनिक भेज रही है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि इस तैनाती के बाद अक्टूबर के अंत तक क्षेत्र में तीन अमेरिकी विमानवाहक पोत तैनात हो जाएंगे।
तीसरे विमानवाहक पोत से सैनिकों की यह तैनाती अमेरिका में प्रस्तावित मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले ईरान के खिलाफ ट्रंप की युद्ध रणनीति में तेजी से हो रहे बदलाव को दर्शाती है। साथ ही, ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं कि यह संघर्ष अब और अधिक जटिल होता जा रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि मध्यावधि चुनावों के बाद युद्ध को और तेज किया जा सकता है, हालांकि शुरुआत में उन्होंने अमेरिकी जनता से यह अभियान केवल कुछ हफ्तों में समाप्त करने का वादा किया था।
ट्रंप ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि ईरान का संबंध फ्लाईदुबई के उस सह-पायलट से हो सकता है, जिसने बुधवार को इजराइल जा रहे विमान के कप्तान पर चाकू से हमला किया था और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या हमलावर पायलट और तेहरान के बीच कोई संबंध है, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में पता लगाया जा रहा है। ट्रंप ने बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए कहा, ‘‘जो बातें मुझे पता चल रही हैं, उनके आधार पर मैं कहूंगा कि इसका जवाब ‘हां’ है, लेकिन हम अभी इस पर काम कर रहे हैं।’’
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान से संबंध साबित हो जाते हैं तो अमेरिका इसका कड़ा जवाब देगा।
इससे पहले बृहस्पतिवार को ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया था कि जांचकर्ताओं का मानना है कि संदिग्ध सह-पायलट को ‘‘कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा का पाठ’’ पढ़ाया गया था। हालांकि, उन्होंने भी इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। ट्रंप ने कहा, ‘‘उन पर बहुत जोरदार हमला किया जाएगा, आप चिंता मत कीजिए।
आप बस उनसे पूछिए, वे जानते हैं कि क्या हुआ है। उन पर बेहद कड़ा प्रहार होगा।’’
इस बीच, पश्चिम एशिया के लिए रवाना हुए जहाजों के बेड़े में 7,000 से अधिक नाविक और 2,000 से अधिक नौसैनिक शामिल हैं। इस बेड़े में ‘यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट’ विमानवाहक पोत युद्धक समूह और ‘यूएसएस मेकिन आइलैंड’ उभयचर तत्परता समूह शामिल हैं।
इस समूह में ‘एसएस जॉन पी. मर्था’ और ‘यूएसएस एंकरेज’ जैसे उभयचर लैंडिंग पोत भी शामिल हैं। पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद कर्मियों को मिलाकर इस कदम से अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी असाधारण रूप से बढ़कर 20,000 से अधिक नाविकों और नौसैनिकों तथा सैकड़ों लड़ाकू विमानों तक पहुंच जाएगी। इससे पहले नौसेना ने अप्रैल में 2003 के बाद पहली बार पश्चिम एशिया में तीन विमानवाहक पोत युद्धक समूह तैनात किए थे।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.