ईरान पर अमेरिका के संभावित हमले की खबरों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. न्यूक्लियर को लेकर ईरान प्रमुख खामनेई को अमेरिकी राष्ट्रपति ने अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर सार्थक समझौता नहीं किया गया तो तेहरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते, यह उनको सीधे तौर पर साफ कर दिया गया है.
‘ईरान को लेकर 10 दिन में साफ होगी तस्वीर’
ट्रप ने बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में कहा कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक रही है, हमको एक सार्थक समझौता करना होगा वरना परिणाम बहुत ज्यादा गंभीर होंगे. हम ईरान के साथ कुछ काम करना चाहते हैं लेकिन उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते, यह उनको स्पष्ट कर दिया गया है. ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान को लेकर अगले 10 दिन में तस्वीर साफ हो जाएगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शीर्ष सलाहकारों के साथ हाईलेवल मीटिंग के बाद ईरान को 10 दिन के भीतर परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने का अल्टीमेटम दिया है. एक्सियोस को एक सूत्र ने बताया कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ बड़ा युद्ध शुरू करने के करीब पहुंच चुका है. ईरान में संभावित अमेरिकी सैन्य अभियान लंबा खिंच सकता है जो बीते महीने वेनेजुएला में हुए टारगेट अटैक की तुलना में पूर्ण युद्ध जैसा नजर आएगा.
अमेरिकी ने मिडिल ईस्ट में बढ़ाया सैन्य जमावड़ा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की स्थिति लगातार बढ़ रही है. यूएस ने F-22, F-35 जैसे खतरनाक फाइटर जेट्स से ईरान की घेराबंदी की है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, दो अमेरिकी कैरियर बैटल ग्रुप यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस गेराल्ड आर को तैनात किया गया है. इस सप्ताह कम से कम 50 अतिरिक्त फाइटर जेट के साथ हवा से हवा में फ्यूल भरने वाले टैंकर और अन्य विमान मिडिल ईस्ट में तैनात किए गए हैं.
बेंजामिन नेतन्याहू की ईरान को चेतावनी
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार (19 फरवरी) को ईरान को चेतावनी दी है कि अगर ईरान की ओर से अटैक किया जाता है तो इजरायल की ओर से इसका करारा जवाब दिया जाएगा. एक मिलिट्री कार्यक्रम में टीवी पर प्रसारित स्पीच में नेतन्याहू ने कहा, ‘अगर ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई अयातुल्लाह गलती करते हैं और हम पर हमला करते हैं, तो उनको ऐसा जवाब मिलेगा जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी.’
ब्रिटेन ने US के सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर लगाई रोक
द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन ने ईरान पर हमला करने के लिए ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने पर रोक लगाई है. यूएस की ओर से ईरान पर अटैक के लिए सैन्य योजना तैयार की जा रही है, जिसमें ग्लूस्टरशायर के डिएगो गार्सिया और RAF फेयरफोर्ड दोनों ठिकानों का उपयोग शामिल है, जो यूरोप में अमेरिकी भारी बमवर्षक विमानों के बेड़े का घर है. ब्रिटेन के यूएस को सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने के पीछे चिंता जताई जा रही है कि ऐसा करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा.
पोलैंड PM ने नागरिकों से की ईरान छोड़ने की अपील
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार (19 फरवरी) को अपने नागरिकों से ईरान छोड़ने की अपील की है. उन्होंने कहा, “कुछ ही घंटों में ईरान से पोलैंड के नागरिकों को निकालना संभव नहीं रह सकता है.”
ट्रंप की धमकी के बाद ईरान अलर्ट
वहीं, अमेरिका के संभावित अटैक को देखते हुए ईरान अलर्ट मोड में आ गया है. देश में NOTAM लागू कर दिया है. यानी ईरान के समूचे इलाके में नो-फ्लाई जोन लागू है. अमेरिकी अटैक की अटकलों पर ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई भी तेवर दिखाते हुए नजर आ रहे हैं.1 फरवरी को दिए बयान में साफ कहा था कि अगर यूएस की ओर से हमला किया जाता है तो यह युद्ध का रूप ले सकता है. खामेनेई ने कहा, ईरान किसी भी देश पर पहले हमला नहीं करेगा लेकिन अगर उस पर अटैक किया जाता है तो इसका जवाब दिया जाएगा.
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.