28 फरवरी से ईरान और अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध का आज (9 मार्च) को दसवां दिन है. अमेरिका एक तरफ तेहरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा है तो वहीं मिडिल ईस्ट में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा और उनकी वापसी को लेकर भी कड़े कदम उठा रहा है. जंग के बीच में यूएस ने मिडिल ईस्ट से हजारों अमेरिकी नागरिकों को निकालने में सफल रहा है.
32 हजार US नागरिकों की हुई वापसी
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक ईरान के साथ जारी जंग के बीच में करीब 32 हजार अमेरिकी मिडिल ईस्ट से वापस अपने मुल्क लौट चुके हैं. विभाग के मुताबिक हाल के दिनों में उसकी ओर से करीब दो दर्जन चार्टर उड़ाने अमेरिकी नागरिकों को वापस लाने के लिए भेजी गईं. रविवार (8 मार्च) को विभाग के एक अपडेट के मुताबिक 28 फरवरी से अब तक कुल 32 हजार अमेरिकी नागरिक वापस वतन लौट चुके हैं.
मिडिल ईस्ट से निकलना चाहते हैं लोग
विभाग की ओर से यह भी कहा गया कि मिडिल ईस्ट के देशों को छोड़न के लिए जिन अमेरिकी नागरिकों ने मदद मांगी थी, उनमें से आधे से ज्यादा ने बाद में अमेरिकी सरकार की ओर से कराए गए ट्रांसपोर्ट विकल्पों को ठुकरा दिया और देश में ही रहने या किसी वैकल्पिक यात्रा योजना को प्राथमिकता दी. बता दें कि क्षेत्र में ज्यादातर हवाई अड्डे तनाव के चलते बंद हैं, जिससे चलते हजारों लोग मिडिल ईस्ट को खाली करना चाहते हैं. कुछ लोगों को प्राइवेट जेट किराए पर लेने के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है.
अमेरिकी नागरिकों को मिडिल ईस्ट से निकलने के निर्देश
बता दें कि इससे पहले ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट के एक दर्जन से ज्यादा देशों को फौरन छोड़ने का निर्देश दिया था. ट्रंप प्रशासन के इस फैसले को यूएस-इजरायल की ओर से तेहरान पर किए जाने वाले हवाई हमलों के बाद बनी स्थिति को लेकर लिया गया था.
इन देशों को छोड़ने के निर्देश
विदेश मंत्रालय की कांसुलर अफेयर्स की सहायक सीक्रेटरी मोरा नामदार ने कहा, अमेरिकी नागरिकों को बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इजरायल, वेस्ट बैंक, गाजा, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यमन से तुरंत निकल जाना चाहिए.
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