अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर वार्ता के बीच अमेरिकी सेना ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया। इसके अलावा बंदर अब्बास पोर्ट के पास सरफेस टू एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) के मुताबिक यह कार्रवाई सेल्फ-डिफेंस यानी आत्मरक्षा में की गई। सेंटकाम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों को खतरे से बचाने के लिए ये हमले किए गए। अमेरिकी सेना का आरोप है कि बारूदी सुरंगें बिछाने से अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों को खतरा हो सकता था। हालांकि, हॉकिन्स ने यह भी कहा कि सीजफायर के दौरान अमेरिका संयम बरत रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस हमले से दोनों देशों की बातचीत में थोड़ी रुकावट जरूर पैदा कर सकती है, लेकिन फिलहाल शांति वार्ता रुकती नहीं दिख रही। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…. 1. ईरान के साथ ओबामा जैसी डील नहीं: ट्रम्प ने कहा कि वे ईरान के साथ ओबामा जैसी डील नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि या तो अच्छा समझौता होगा या फिर कुछ भी नहीं होगा। 2. ईरान की दोहा वार्ता में होर्मुज और यूरेनियम मुद्दा सबसे अहम: ईरान के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल की कतर यात्रा में होर्मुज स्ट्रेट और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सबसे अहम मुद्दे बने हुए हैं। साथ ही ईरान की फ्रीज संपत्तियों को जारी करने पर भी बातचीत हो रही है। 3. अमेरिका-ईरान में समझौते पर दस्तखत नहीं: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर दस्तखत नहीं हो सके। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रविवार को ही दोनों देश सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने को लेकर समझौता कर सकते हैं। 4. सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना कोई फैसला नहीं: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा। 5. ईरान का हिजबुल्लाह को फिर समर्थन: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान और हिजबुल्लाह के समर्थन में संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान, इजराइल के खिलाफ लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ खड़ा है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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