उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से दो से चार जुलाई तक आयोजित कराई गई उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026 के पांच प्रश्नपत्रों में आठ सवाल गलत थे जबकि चार प्रश्नों के दो-दो जवाब सही हैं।
अंतिम आंसर की में जिक्र
यूपीटीईटी के परिणाम के साथ जारी अंतिम उत्तरकुंजी पर नजर दौड़ाएं तो साफ हो जाएगा कि तीन पालियों में हुई उच्च प्राथमिक और दो पालियों में आयोजित प्राथमिक स्तर की यूपीटीईटी में कुल आठ प्रश्न को ड्रॉप कर दिया गया है। केवल चार जुलाई को पहली पाली में आयोजित प्राथमिक स्तर की परीक्षा का प्रश्नपत्र ऐसा था जिसमें कोई गलती नहीं। इसके अलावा चारों पाली के प्रश्नपत्र में कोई न कमी जरूर मिली है। दो जुलाई को दोनों पालियों में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा कराई गई थी।
पहली पाली में संस्कृत का प्रश्न संख्या 89 जबकि दूसरी पाली में हिन्दी भाषा का प्रश्नसंख्या 33 ‘समानाधिकरण और व्याधिकरण किस व्यय के भेद हैं?’ गलत थे और परिणाम के साथ जारी अंतिम उत्तरकुंजी में इन्हें आयोग ने ड्रॉप कर दिया है। सबसे ज्यादा गलतियां तीन जुलाई को आयोजित दोनों स्तर के प्रश्नपत्रों में मिली है। पहली पाली में आयोजित उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के प्रश्नपत्र में तीन प्रश्न गलत थे जबकि दो प्रश्नों के दो-दो उत्तर हैं। संस्कृत विषय के प्रश्नसंख्या 88 और 89 के अलावा गणित का प्रश्न 101 गलत है और आयोग ने तीनों को ड्रॉप किया है। इसी प्रश्नपत्र में हिन्दी के प्रश्नसंख्या 45 निम्न में से कौन-सा तत्सम-तद्भव का सही युग्म है? के दो उत्तर सही है। वहीं संस्कृत के प्रश्नसंख्या 86 के भी दो उत्तर सही है। तीन जुलाई को दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा के भी तीन प्रश्न गलत हैं और दो के दो-दो जवाब सही है। हिन्दी भाषा के प्रश्न संख्या 38 इनमें केशवदास की रचना कौन-सी है? गलत है। पर्यावरणीय अध्ययन के प्रश्नसंख्या 146 ‘बंदरगाहों को उनके राज्यों से मिलाएं।’ और अंग्रेजी के प्रश्नसंख्या 69 भी गलत है। इन तीनों प्रश्नों को आयोग ने ड्रॉप कर दिया है। हिन्दी भाषा के प्रश्नसंख्या 36 ‘नीति ने सुचित्रा को फूल दिए।’ इस वाक्य में कौन-सी क्रिया है? और प्रश्नसंख्या 37 इनमें कौन-सी रचना देव कवि की नहीं है? के दो-दो उत्तर सही हैं।
दशमलव से फेल अभ्यर्थियों ने पास करने की रखी मांग
यूपीटीईटी में दशमलव से फेल अभ्यर्थियों ने पास करने की मांग की है। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार को इस संबंध में ज्ञापन भेजा। संगठन का कहना है कि टीईटी के परिणाम में कई ऐसे अभ्यर्थी सामने आए हैं, जिनके 89.50 से 89.99 तक और 81.5 से 81.99 तक अंक प्राप्त हुए हैं। अनारक्षित और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को पास होने के लिए क्रमश: 90 और 82 अंक मिलने चाहिए। दशमलव में अंक कम होने के कारण इन्हें अनर्ह (नॉट क्वालीफाइड) घोषित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने शिक्षा सेवा चयन आयोग एलनगंज पहुंचकर सचिव मनोज कुमार से मुलाकात की और टीईटी परिणाम की त्रुटियों के शीघ्र निस्तारण का अनुरोध किया। सचिव ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही आयोग की बैठक में अध्यक्ष के समक्ष सभी मांगों को रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
परिणाम जारी करने के लिए उमड़े अभ्यर्थी
यूपीटीईटी 2026 का परिणाम घोषित होने के बाद रिजेक्ट लिस्ट में शामिल तकरीबन 60 हजार अभ्यर्थियों की बेचैनी बढ़ गई है। रिजेक्ट लिस्ट में शामिल पूरे प्रदेश से सैकड़ों अभ्यर्थियों का हुजूम सोमवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पर उमड़ पड़ा। इनमें तमाम शिक्षक हैं जिनकी नौकरी दांव पर लगी हुई है जबकि परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में आगामी नई शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में बेरोजगार अभ्यर्थियों के परिणाम भी रिजेक्ट हुए हैं। चयन आयोग ने रोल नंबर, बुकलेट संख्या या दूसरी सूचनाओं से संबंधित गोला ओएमआर शीट पर सही तरीके से नहीं भरने के कारण परिणाम रिजेक्ट कर दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि गोला भरने में हुई मामूली गलतियों को नजरअंदाज करते हुए उनकी ओएमआर शीट का मैन्युअल मूल्यांकन कराया जाए।
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