रविवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क में आयोजित संघ की बैठक में विशेष टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने के साथ ही टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को उनके शिक्षण अनुभव का लाभ देते हुए सुपर टेट में छूट प्रदान कर नियमित किए जाने की मांग उठाई गई।
जानें वक्ताओं ने क्या कहा
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्र कोई नए अभ्यर्थी नहीं हैं, बल्कि वे लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी योग्यता, सेवाकाल और अनुभव को नजरअंदाज कर विशेष टीईटी से बाहर रखना उचित नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि शिक्षामित्रों ने वर्षों तक ग्रामीण और दूरदराज के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जिस शिक्षामित्र ने वर्षों तक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया है, उसके अनुभव को किसी भी चयन प्रक्रिया में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को शिक्षामित्रों की वास्तविक स्थिति को समझते हुए विशेष टीईटी में उन्हें शामिल करना चाहिए। अनदेखी किए जाने पर आवाज बुलंद की जाएगी।
प्रदेश उपाध्यक्ष अजय सिंह, जिलाध्यक्ष वसीम अहमद, रत्नाकर सिंह, जनार्दन तिवारी, विनय पटेल, संतोष बाबू पाल, घनश्याम दत्त मिश्रा, जगदीश केसरी, प्रताप बहादुर सिंह, अमर बहादुर सिंह, वंदना श्रीवास्तव, नीलम गौतम, आयशा खान, अनामिका पांडे, अनवर जहां, रीता शुक्ला, दशरथ भारती, सुमंत भार्गव कमलेश यादव, आशीष जायसवाल आदि मौजूद रहे।
विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेशों के बाद में, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (Special TET 2026) का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। साथ ही यूपी स्पेशल टीईटी परीत्रा की तिथि भी जारी कर दी गई है, परीक्षा का आयोजन 3 नवंबर 2026 को किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के माध्यम से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को इस परीक्षा के बारे में तुरंत सूचित करें।
कौन-कौन से शिक्षक हैं इस परीक्षा के पात्र?
विभाग के नोटिस के अनुसार, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत इन श्रेणियों के शिक्षक इस विशेष टीईटी परीक्षा में भाग लेने के पात्र होंगे।
प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5): उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों,
स्थानीय निकायों, राज्य सरकार/बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त या सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत शिक्षक तथा प्राथमिक स्तर के विशेष शिक्षक।
उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8): बेसिक शिक्षा परिषद या माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित, सम्बद्धता/मान्यता प्राप्त एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक तथा उच्च प्राथमिक स्तर के विशेष शिक्षक।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.