उत्तराखंड के पंचकेदारों में शामिल रुद्रप्रयाग स्थित द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने की शुभ तिथियां आज बैसाखी के पावन पर्व पर घोषित कर दी गई हैं। शीतकालीन गद्दी स्थलों पर पंचांग गणना के बाद डोली प्रस्थान और कपाट खुलने का पूरा कार्यक्रम तय किया गया है। तुंगनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली 20 अप्रैल को अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मार्कण्डेय मंदिर, मक्कूमठ से धाम के लिए रवाना होगी। शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पंचांग गणना के अनुसार, भगवान मद्महेश्वर के कपाट 21 मई को सुबह विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। बाबा मद्महेश्वर की उत्सव डोली 19 मई को ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए प्रस्थान करेगी। आज सुबह से ही ऊखीमठ और मक्कूमठ में विद्वान आचार्यों, मंदिर समिति के पदाधिकारियों और हक-हकूकधारियों की उपस्थिति में पंचांग गणना की प्रक्रिया शुरू हुई। कपाट खुलने की तिथियों की घोषणा होते ही पूरी केदारघाटी में खुशी की लहर है और श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ इस घोषणा का स्वागत किया। इसके अलावा गौरीकुंड स्थित मां गौरीमाई मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। आज सुबह आठ बजे विधि-विधान से मंदिर के कपाट छह महीने के लिए खोले गए हैं। ऊखीमठ से कैलाश रवाना होने का मुहूर्त कुछ ही दरे में जारी होगा धार्मिक परंपरा के अनुसार, हर साल बैसाखी के दिन विद्वान आचार्यों, पुरोहितों और हक-हकूक धारियों की उपस्थिति में पंचांग गणना की जाती है। इसी आधार पर कपाट खुलने की तिथियां निर्धारित होती हैं। इस अवसर पर दोनों शीतकालीन गद्दी स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। ओंकारेश्वर मंदिर के प्रभारी अधिकारी डीएस भुजवाण ने बताया कि द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट खुलने की तिथि और चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से कैलाश रवाना होने का मुहूर्त आज घोषित होगा। यह घोषणा मंदिर समिति के पदाधिकारियों, विद्वान आचार्यों और हक-हकूक धारियों की मौजूदगी में पंचांग गणना के आधार पर की जाएगी। वहीं, तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के प्रबंधक बलवीर सिंह नेगी ने जानकारी दी कि तुंगनाथ के कपाट खुलने और चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ से धाम के लिए रवाना होने की तिथि भी आज ही घोषित की जाएगी। यह घोषणा मक्कूमठ में विद्वान आचार्यों और हक-हकूक धारियों की उपस्थिति में पंचांग गणना के अनुसार होगी। 5 नवंबर को तुंगनाथ धाम के कपाट बंद हुए थे उत्तराखंड में स्थित पंचकेदारों में तीसरे केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट 5 नवंबर 2025 को सुबह 11:30 बजे 189 दिनों बाद बंद कर दिए गए थे। रुद्रप्रयाग जिले में स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे एक हजार साल से भी अधिक पुराना माना जाता है। कपाट बंद होने के बाद बाबा तुंगनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ स्थित मर्कटेश्वर मंदिर के लिए रवाना हुई थी। लगभग 30 किलोमीटर की यह यात्रा दो दिनों में पूरी की, जिसके बाद श्रद्धालु छह माह तक यहीं दर्शन कर रहे हैं। 18 नवंबर को बंद हुए थे मद्महेश्वर के कपाट द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट 18 नवंबर 2025 को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। कपाट बंद होने के बाद, बाबा मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली गौंडार, रांसी और गिरिया होते हुए 21 नवंबर के बाद शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंची और यहां विराजमान हो गई। इससे पहले, पंचकेदार में प्रमुख केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को ही शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। बाबा केदार की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली पहले ही अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान है, जहां श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। 22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह तिथि महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर ऊखीमठ में पारंपरिक पंचांग गणना के बाद घोषित की गई थी। इस साल केदारनाथ यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में धाम के कपाट 2 मई को खुले थे, जबकि इस बार 22 अप्रैल को खुलेंगे। यानी श्रद्धालु इस बार 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। 23 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट बद्रीनाथ धाम के कपाट 2026 में 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। बसंत पंचमी के मौके पर नरेंद्रनगर राजदरबार में पंचांग गणना के बाद यह तिथि तय की गई थी। चमोली में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट इस बार पिछले साल के मुकाबले 11 दिन पहले खुलेंगे। वहीं उत्तरकाशी के गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर विधि-विधान से भक्तों के लिए खोले जाएंगे। 2025 में कब बंद हुए थे बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 2025 में उत्तरकाशी में स्थित गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर को विधि-विधान के साथ बंद किए गए। इसके अगले दिन ही दिन 23 अक्टूबर को यमुनोत्री धाम के कपाट विधि विधान से बंद कर दिए गए थे इसके बाद यात्रियों के लिए इन दोनों धामों में नियमित दर्शन बंद हो गए और शीतकालीन पूजा की व्यवस्थाएं शुरू कर दी गईं। वहीं चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए गए थे। फिलहाल बद्रीनाथ की शीतकालीन पूजा जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में चल रही है। पिछले पांच सालों में श्रद्धालुओं के आंकड़े
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