सीधे डिटर्जेंट नहीं, पहले सादा पानी
संगम शुक्ला की पहली सलाह सुनकर कई लोग चौंक जाते हैं. वे कहते हैं कि होली के बाद सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोग सीधे डिटर्जेंट लगाकर कपड़े रगड़ने लगते हैं. इससे रंग कपड़े के रेशों में और अंदर चला जाता है.
4-5 घंटे की भिगोने की ट्रिक
-सबसे पहले एक बड़े टब में इतना सादा पानी लें कि कपड़े पूरी तरह डूब जाएं. अब इन्हें 4 से 5 घंटे तक ऐसे ही छोड़ दें, अगर रंग ज्यादा गहरा है, तो रातभर भिगोना बेहतर रहेगा. इस दौरान रंग थोड़ा ढीला पड़ता है और आगे की सफाई आसान हो जाती है.
-कई घरों में देखा गया है कि सिर्फ इस एक स्टेप से ही आधा दाग हल्का हो जाता है. यानी मेहनत भी कम और कपड़े भी सुरक्षित.
ब्लीच, बेकिंग सोडा और डिटर्जेंट का मिश्रण
-पानी से निकालकर कपड़ों को हल्का निचोड़ लें. अब एक अलग बाल्टी में साफ पानी लें. इसमें 2 से 3 चम्मच ब्लीचिंग पाउडर मिलाएं. इसके बाद 2 चम्मच बेकिंग सोडा और रोज इस्तेमाल होने वाला डिटर्जेंट डाल दें.
-यह मिश्रण रंग को तोड़ने का काम करता है. ध्यान रहे, यह तरीका खासकर हल्के रंग या सफेद कपड़ों के लिए ज्यादा असरदार है. गहरे रंग के कपड़ों पर ब्लीच इस्तेमाल करते समय सावधानी रखें.
धूप में रखें, असर होगा दोगुना
क्यों जरूरी है धूप?
संगम शुक्ला का कहना है कि ब्लीच का असर धूप में ज्यादा तेज होता है. इसलिए कपड़ों को इस घोल में डालकर 20 मिनट तक धूप में रखें. बीच-बीच में कपड़ों को ऊपर-नीचे करते रहें ताकि हर हिस्से तक घोल पहुंचे. धूप और ब्लीच की यह जोड़ी मिलकर रंग को कमजोर कर देती है. कई लोग बताते हैं कि पहले जहां गहरा गुलाबी या हरा दाग था, वह हल्का पड़ने लगता है.
ब्रश से हल्की रगड़, जोर नहीं
धूप के बाद जिन जगहों पर दाग दिखें, वहां हल्के हाथ से कपड़े धोने वाला ब्रश चलाएं. ज्यादा जोर लगाने से कपड़ा खराब हो सकता है. इसके बाद साफ पानी से अच्छी तरह खंगालें ताकि ब्लीच और डिटर्जेंट का असर पूरी तरह निकल जाए.
पीलापन हटाने के लिए रंगकाट
-अक्सर ब्लीच के बाद कपड़ों में हल्का पीलापन आ जाता है. इससे सफेदी कम दिखती है. ऐसे में एक टब में पानी लेकर उसमें थोड़ा सा रंगकाट मिला लें.
-कपड़ों को उतनी ही देर इसमें भिगोकर रखें, जितनी देर ब्लीच में रखा था. इससे कपड़ों की चमक लौट आती है और पीलापन कम हो जाता है.
आखिरी स्टेप: ऑक्सालिक एसिड से फिनिशिंग
खुली जगह पर करें यह काम
-आखिरी स्टेप में एक टब में पानी लें और उसमें ऑक्सालिक दाना घोलें. कपड़ों को 5 से 7 मिनट इसमें डुबोकर रखें. यह दाग के आखिरी निशान को भी हल्का कर देता है.
-ध्यान रहे, ऑक्सालिक एसिड से हल्की गैस निकलती है और गंध भी आती है, इसलिए यह काम खुले स्थान पर करें. बाद में कपड़ों को 2-3 बार साफ पानी से धोकर सुखा दें.
लोगों का अनुभव क्या कहता है?
-सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस तरीके को अपनाकर अपने अनुभव साझा किए हैं. किसी की सफेद शर्ट से नीला रंग गायब हुआ, तो किसी की साड़ी से गुलाल का दाग हल्का पड़ गया.
-हालांकि एक्सपर्ट यह भी सलाह देते हैं कि पहले किसी छोटे हिस्से पर टेस्ट जरूर करें, खासकर अगर कपड़ा महंगा या नाजुक हो.
नतीजा
होली के रंग भले ही जिद्दी हों, लेकिन सही तरीका अपनाया जाए तो उन्हें हटाना नामुमकिन नहीं. थोड़ा धैर्य, सही मात्रा और सावधानी से आप अपने पसंदीदा कपड़ों को फिर से पहनने लायक बना सकते हैं. इस बार होली के बाद कपड़े फेंकने की नौबत शायद न आए.
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