नयी दिल्ली, चार सितंबर टाटा केमिकल्स ने शुक्रवार को कहा कि केन्या स्थित उसकी अनुषंगी टाटा केमिकल्स मगाडी लिमिटेड (टीसीएमएल) नियामकीय आवश्यकताओं का पूरी तरह पालन कर रही है और सरकार की ओर से मांगी गई सभी जरूरी सूचनाएं, रिपोर्ट तथा दस्तावेज जमा करा चुकी है। केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने भारतीय कंपनी को दो दशक से संचालित सदी पुराने मगाडी सोडा ऐश संयंत्र से बाहर निकलने का आदेश दिया। उसके बाद कंपनी ने बयान में यह कहा।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि टीसीएमएल को खनन, समुद्री अर्थव्यवस्था और समुद्री मामलों के मंत्रालय का 28 जुलाई का परिचालन निलंबित करने को लेकर पत्र मिला था। इसके बाद उसने 11 अगस्त को मांगी गई सभी सूचनाएं, रिपोर्ट और दस्तावेज जमा करा दिए। अब वह मंत्रालय द्वारा इन दस्तावेजों की समीक्षा और आगे के निर्देशों का इंतजार कर रही है।
कंपनी ने कहा, ‘‘हम केन्या सरकार के अधिकार का सम्मान करते हैं और लंबित मुद्दों को उचित कानूनी एवं नियामकीय माध्यमों से सुलझाने के लिए रचनात्मक बातचीत जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
कंपनी ने कहा कि उसकी प्राथमिकता कर्मचारियों, मगाडी समुदाय और केन्या में उससे जुड़े पक्षों का कल्याण तथा देश के निरंतर आर्थिक विकास है। टाटा केमिकल्स ने कहा कि उसने 2005 में मगाडी संयंत्र का अधिग्रहण किया था और तब से यह उसके कारोबार का अभिन्न हिस्सा है। यह बयान रूटो के उस आदेश के बाद आया है जिसमें उन्होंने काजियाडो काउंटी के दौरे के दौरान टाटा को लेक मगाडी की खनन स्थल से अपना कारोबार समेटने को कहा था।
मीडिया कंपनी ब्लूमबर्ग ने रूटो के हवाले से कहा कि टाटा के पास 100 साल से खनन अधिकार हैं, लेकिन उसने काजियाडो में कुछ नहीं बनाया और वह संसाधन भारत तथा अन्य स्थानों पर ले जाती है। रूटो ने कहा कि सरकार टाटा की जगह दो नई कंपनियों को लाएगी। इनमें एक कांच का कारखाना लगाएगी, जबकि दूसरी रसायनों का उत्पादन करेगी।
राष्ट्रपति की यह टिप्पणी खनन मंत्रालय की ओर से टीसीएमएल को परिचालन निलंबित करने के निर्देश के करीब पांच सप्ताह बाद आई। मंत्रालय ने बकाया खनन शुल्क और अन्य नियामकीय कमियों का हवाला दिया था। काजियाडो के गवर्नर जोसेफ ओले लेंकू ने भी कहा कि टाटा के खनन अधिकार 2023 में समाप्त हो गए थे।
केन्या में इस स्थल से 1911 से सोडा ऐश का उत्पादन किया जा रहा है। टाटा केमिकल्स ने 2005 में ब्रूनर मोंड लिमिटेड से इस कारोबार का अधिग्रहण किया था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, केन्या प्राकृतिक सोडा ऐश का दुनिया का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है और वैश्विक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी करीब एक प्रतिशत है।
सोडियम कार्बोनेट के नाम से भी जाना जाने वाला यह रसायन कांच विनिर्माण, सफाई उत्पादों और इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों के निर्माण में इस्तेमाल होता है। टाटा केमिकल्स ने दोहराया कि 11 अगस्त, 2026 को टीसीएमएल ने सरकार की ओर से मांगी गई सभी जरूरी सूचनाएं, रिपोर्ट और दस्तावेज जमा कर दिए और वह नियामकीय आवश्यकताओं का पूरी तरह पालन कर रही है। कंपनी ने कहा कि मंत्रालय की ओर से उठाए गए मुद्दों पर व्यापक जवाब देने के बाद अब वह मंत्रालय की समीक्षा और आगे के निर्देशों का इंतजार कर रही है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.