तमिलनाडु में TVK विधायक को 35 करोड़ की रिश्वत ऑफर केस में ईडी ने जांच शुरू कर दी है. ED ने चेन्नई के रॉयपेट्टा से जुड़े कथित अवैध मनी ट्रांसफर मामले की जांच शुरू कर दी है. इसके तहत ईडी अधिकारियों ने चेन्नई महानगर पुलिस से इस मामले से जुड़े दस्तावेजों की कॉपियां हासिल कीं. इस मामले में पुलिस पहले ही एक संदिग्ध के पास से 60 लाख रुपये की नकदी बरामद कर चुकी है. अब ईडी इस रकम के स्रोत और कथित धन लेनदेन के पूरे नेटवर्क की जांच करेगी.
यह मामला तब सामने आया जब तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के उथनकरई विधानसभा क्षेत्र से विधायक एन. इलैयाराजा ने चेन्नई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. अपनी शिकायत में विधायक ने आरोप लगाया कि तिरुनावुक्करासु नाम के एक व्यक्ति ने खुद को इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज (IDPS) नामक चुनावी सर्वेक्षण कंपनी का मालिक बताया.
TVK विधायक का क्या आरोप?
विधायक के अनुसार, आरोपी ने उनसे विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए कहा. इसके बदले 35 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की गई. विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्ताव ठुकराने पर उन्हें धमकी दी गई. इलैयाराजा ने 29 जून को चेन्नई पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर ट्रिपलिकेन पुलिस ने मामला दर्ज किया.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
जांच के दौरान, पुलिस ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी थिरुनावुक्करसु ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई आर.वी. अशोक कुमार के कहने पर इलैयाराजा से संपर्क किया था. इस बीच, मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार (8 जुलाई) को सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार को अग्रिम जमानत दे दी और उन्हें जांच में सहयोग करने और जरूरत पड़ने पर जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया. पुलिस ने साफ कर दिया है कि जांच जारी है और लक्ष्मण पेरुमल समेत अन्य आरोपियों का पता लगाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं. पेरुमल की भूमिका की भी जांच हो रही है.
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.