भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज आयोजित साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में पश्चिम एशिया की स्थिति, दक्षिण चीन सागर, पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंध, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, नीरव मोदी के प्रत्यर्पण, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, पासपोर्ट व्यवस्था सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर भारत का पक्ष विस्तार से रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति का मूल आधार संवाद, कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान और वैश्विक शांति तथा स्थिरता है।
पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि होरमुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन तथा व्यापारिक गतिविधियों का जारी रहना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे पूरी दुनिया की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात के निकट दो जहाजों पर हुए हमलों में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य भारतीय घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद भारत ने ईरान के उप मिशन प्रमुख को तलब कर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की और इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि भारत ने स्पष्ट किया है कि ऐसे हमले तत्काल बंद होने चाहिए। साथ ही सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने तथा बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की गई है, ताकि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
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दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत का रुख पहले से स्पष्ट और सर्वविदित है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून तथा समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय के अनुरूप नौवहन और वायुयान संचालन की स्वतंत्रता, समुद्र के वैध उपयोग तथा निर्बाध व्यापार को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समुद्री विवादों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने दस वर्ष पहले दिए गए मध्यस्थ न्यायाधिकरण के फैसले को महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह संबंधित पक्षों के बीच विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का महत्वपूर्ण आधार है।
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि वहां की स्थिति पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण, बुनियादी अधिकारों से वंचित रखने और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक दमन का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की वास्तविक शिकायतों का समाधान करने की बजाय पाकिस्तान अत्यधिक पुलिस बल का प्रयोग कर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों और कृत्यों के लिए पाकिस्तान को पूरी तरह जवाबदेह ठहराए।
विदेश मंत्री की हाल की खाड़ी यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री ने कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान की यात्रा के दौरान वहां के शीर्ष नेतृत्व और अपने समकक्ष मंत्रियों से व्यापक बातचीत की। इन बैठकों में व्यापार, ऊर्जा, निवेश और पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति प्रमुख विषय रहे। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा इन चर्चाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा रही और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर सभी देशों ने अपने विचार साझा किए।
बांग्लादेश में भारत की विकास परियोजनाओं के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच विकास सहयोग कार्यक्रम आपसी परामर्श के आधार पर संचालित होता है और यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी।
अफगानिस्तान के कृषि मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी की भारत यात्रा के बारे में उन्होंने बताया कि वह लगभग एक सप्ताह भारत में रहे। इस दौरान उन्होंने कृषि मंत्री, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री तथा विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने उद्योग जगत तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ भी विचार विमर्श किया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच दिल्ली और काबुल के बीच संचालित वायु माल गलियारे के माध्यम से वस्तुओं का व्यापार लगातार जारी है।
भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के संबंध में उन्होंने कहा कि इस मामले में कानूनी कार्यवाही जारी है और उसके पूरा होने के बाद उसका भारत प्रत्यर्पण किया जाएगा।
अमेरिका द्वारा लारेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा कनाडा की रायल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने इन घोषणाओं और टिप्पणियों पर ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियां हाल में सार्वजनिक किए गए अमेरिकी अभियोग के अनुरूप हैं, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध गिरोह के सदस्यों की जिम्मेदारी बताई गई है। उन्होंने दोहराया कि आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, अवैध हथियारों की तस्करी और ऐसे आपराधिक नेटवर्क समाज के लिए गंभीर खतरा हैं। भारत अपने साझेदार देशों के साथ कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग को लगातार मजबूत करते हुए इन चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद तथा अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के विरुद्ध सहयोग लगातार गहरा और प्रभावी होता जा रहा है।
भारतीय पासपोर्ट व्यवस्था पर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में रणधीर जायसवाल ने कहा कि पासपोर्ट अधिनियम 1967 और पासपोर्ट नियम 1980 के तहत भारत सरकार निर्धारित प्रक्रिया और समुचित सत्यापन के बाद भारतीय नागरिकों को पासपोर्ट जारी करती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश के आठ प्रतिशत से भी कम भारतीय नागरिकों के पास पासपोर्ट है।
प्रभासाक्षी के इस सवाल पर कि क्या भारतीय कंपनियां रूस को पेट्रोलियम पदार्थ दे रही हैं, इस पर उन्होंने कहा कि कंपनियां अपना कारोबार करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि भारत कच्चे तेल का आयात करता है और उसे रिफाइन करके कंपनियां घरेलू उपयोग के अलावा बाहर बेचने का काम करती रही हैं।
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