आवारा कुत्तों और दूसरे पशुओं के मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच सुबह 10.30 पर फैसला सुनाएगी. कई दिनों तक चली विस्तृत सुनवाई के बाद 29 जनवरी को कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा था.
7 नवंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्पिटल, बस डिपो, रेलवे स्टेशन, सरकारी दफ्तरों और स्पोर्ट्स कंपलेक्स से आवारा कुत्तों को हटाने के लिए कहा था. साथ ही, हाईवे और एक्सप्रेसवे से आवारा गाय-बैल को भी हटाने के लिए कहा था.
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SC ने दिल्ली-NCR में शेल्टर होम बंद करने का आदेश
इससे पहले 11 अगस्त को जस्टिस जे बी पारडीवाला और आर महादेवन की बेंच ने कुत्तों के काटने की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में बंद करने का आदेश दिया था.
11 अगस्त को आए फैसले का पशु प्रेमियों ने व्यापक विरोध किया. इसके बाद मामला जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच को भेज दिया गया. 22 अगस्त को 3 जजों की बेंच ने 11 अगस्त वाले आदेश को संशोधित करते हुए दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ खतरनाक कुत्तों को शेल्टर होम में बंद रखने के लिए कहा. बाकी को नसबंदी और टीकाकरण के बाद वापस उनके इलाके में छोड़ने को कहा. कोर्ट ने अभी कहा कि वह इस सुनवाई को दिल्ली-एनसीआर तक सीमित रखने की बजाय पूरे देश पर सुनवाई करेगा.
29 जनवरी को सुरक्षित रखा था आदेश
3 चीजों की बेंच ने भले ही 11 अगस्त के आदेश पर रोक लगा दी, लेकिन उसने सुनवाई का दायरा देशव्यापी कर दिया. जिसके चलते 7 नवंबर को सभी सार्वजनिक इमारतों से कुत्तों को बाहर करने का आदेश आया. इस आदेश के भी विरोध को देखते हुए जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुनेगा. इसके बाद कई दिनों तक विस्तृत सुनवाई कर 29 जनवरी को आदेश सुरक्षित रखा.
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