केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि पूर्ववर्ती एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी और अर्जेंटीना की टीम को राज्य में लाने की कोशिशों के बारे में खेल विभाग की रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं और कहा कि ‘‘हर चीज की जांच की जाएगी’’। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार इस रिपोर्ट की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें बहुत गंभीर आरोप हैं।
सरकार इसपर विचार कर रही है। जांच के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।’’
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि किसी निजी संस्था को अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (एएफए) के साथ समझौता करने की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी?
क्या अनुमति देने के लिए अभिरुचि पत्र जारी किया गया था? ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। इसे बस एक कंपनी को दे दिया गया, बिना उसकी बाज़ार कीमत, वित्तीय क्षमता या कोष के स्रोत पर विचार किए।
इनमें से किसी भी बात पर ध्यान नहीं दिया गया।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात पर भी संदेह है कि राज्य सरकार को प्रस्ताव के सभी पहलुओं की जानकारी थी, क्योंकि अलग-अलग जगहों से विरोधाभासी बयान आ रहे हैं। सतीशन ने कहा कि सरकार इस मामले को देख रही है, लेकिन उससे पहले ही, जब उन्हें इस बारे में शिकायत मिली थी, तो ऐसे आरोप लगे थे कि मुख्यमंत्री एक संस्थान को बंद कराने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘पूरे मामले का अध्ययन कर रहे हैं’’।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले की जांच करेगी और अगर मामला इतना गंभीर पाया जाता है कि केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराई जानी चाहिए, तो उसी के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, इस बात की भी जांच की जाएगी कि क्या विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन हुआ है। हमारा मानना है कि इसकी उचित जांच होनी चाहिए।
जांच का स्वरूप आने वाले दिनों में बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में पिछली सरकार की भूमिका की भी जांच की जाएगी और यह देखा जाएगा कि क्या उन्होंने राज्य के हितों की रक्षा करने की कोशिश की थी। राज्य के खेल मंत्री ओ. जे. जनीश ने भी मुख्यमंत्री जैसी ही बात कही।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के लिए तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और सरकार के पास प्रायोजक और अर्जेंटीना फुटबॉल संघ के बीच हुए अनुबंध की कॉपी तक नहीं थी। उन्होंने कहा, सरकार के पास इस घटना से जुड़ा कोई रिकॉर्ड या फाइल नहीं है। इसलिए, पूरे मामले की विस्तार से जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में, जब सरकार के पास कोई रिकॉर्ड या फाइल नहीं थी, तो सरकार के लिए दो निजी पक्षों के बीच अनुबंध की शर्तों को सुविधाजनक बनाने की कोई जरूरत नहीं थी। सतीशन ने अपने संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस सवाल के जवाब में हां कहा कि क्या प्रायोजन राशि के भुगतान से जुड़े मामले में जीएसटी संबंधी कोई अनियमितताएं थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, उस मामले में गंभीर अनियमितताएं हैं।
जीएसटी की चोरी हुई है और इसकी जानकारी पूर्ववर्ती सरकार के समय सामने आ गई थी और उसने मामले में नोटिस भी जारी किया था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ। जांच ठप पड़ गई।
इन सभी मामलों की जांच की जाएगी, सरकार को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कदम उठाए जाएंगे और अधिकारियों की कथित लापरवाही की जांच वित्त विभाग करेगा।’’
सतीशन ने कहा, ‘‘हर चीज की जांच की जाएगी और उचित फ़ैसला लिया जाएगा।’’
इससे पहले दिन में केरल के पर्यटन और संस्कृति मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने कहा था कि मेस्सी और अर्जेंटीना की टीम को राज्य में लाने का वादा करके लोगों को ‘‘धोखा दिया गया और गुमराह किया गया’’ और इस मामले की जांच की जाएगी। मंत्री ने कहा कि जांच खेल विभाग की रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि केरल के लोगों के साथ धोखा हुआ है।
लोगों को यह कहकर गुमराह किया गया कि मेस्सी आएंगे। खेल विभाग की रिपोर्ट के आधार पर जांच की जाएगी।’’
जनीश ने इस मामले में पूर्व मंत्री वी. अब्दुरहमान के दावों को भी खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया था। अब्दुरहमान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अर्जेंटीना की टीम को दोस्ताना मैच के लिए केरल लाने की कोशिश के दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)-नीत पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने सभी तय प्रक्रियाओं का पालन किया था।
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