मां ने अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाते हुए बड़ी बेटी शिखा को मैट्रिक पास कराया। वहीं, शिखा मैट्रिक पास करते ही गांव में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। वह दिन में बच्चों को पढ़ातीं और इसके बाद खुभ भी पढ़ाई करती थीं।
बिहार लोहान गांव की है स्टोरी
यह कहानी है बिहार के शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड स्थित लोहान गांव की। बड़ी बहन का नाम शिखा है और अन्य दो बहनों का नाम पूजा और मानसी है। शिखा जब 6 साल की थ, तभी उनके पिता का निधन हो गया। ऐसे में मां सीता देवी पर सारी जिम्मेदारियां आ गई। एनडीटीवी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक संजय सिंह पेशे से एक किसान और राशन डीलर का काम करते थे।
बड़ी बहन शिखा ने संभाली जिम्मेदारी
मां ने अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाते हुए बड़ी बेटी शिखा को मैट्रिक पास कराया। वहीं, शिखा मैट्रिक पास करते ही गांव में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। वह दिन में बच्चों को पढ़ातीं और इसके बाद खुभ भी पढ़ाई करती थीं। ट्यूशन से पढ़ाई के खर्चे निकालते हुए उन्होंने समाजशास्त्र में ऑनर्स की डिग्री हासिल की। फिर साल 2016 में शिखा की शादी हो गई।
ससुराल में मिला पूरा सहयोग
शादी के बाद भी उनकी चुनौतियां और भी बढ़ गई। घर की जिम्मेदारियों के साथ दो बच्चों का पालन-पोषण भी करती थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पति की भी नौकरी नहीं थी। फिर भी शिखा ने हार नहीं मानीष वह घर के काम निपटाने और बच्चों की देखभाल के बाद मिलने वाले हर खाली समय में पढ़ाई करती रहीं। लेकिन यहां उन्हें पूरा सहयोग मिला। आखिरकार एक दिन दोनों यानी शिखा और उनके पति दोनों शिक्षक हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके पति आनंद कुमार केंद्रीय विद्यालय पटना में शिक्षक हैं, जबकि शिखा को बीपीएससी टीआरई-3 में सफलता मिली।
बाकी दो अन्य बहनों की कहानी
अब बात करते हैं, शिखा की बाकी दो बहनों पूजा और मानसी की। जब शिखा की शादी हो गई, तब पूजा और मानसी ने गांव के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया, जिससे वे अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सकीं। पूजा ने इतिहास में ऑनर्स किया, जबकि मानसी ने केमिस्ट्री में ऑनर्स किया।
पूजा ऐसे बनीं टीचर
पूजा की शादी 2019 में नवादा के कौआकोल प्रखंड के विशनपुर निवासी कुमार पंकज से हुआ। पूजा के ससुर नहीं थे। उनकी शादी के बाद दो बच्चे हुए, जिससे जिम्मेदारियां बढ़ गईं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई जारी रखी। इसके बाद उन्होंने BPSC TRE-1 परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उनके पति भी सरकारी शिक्षक हैं।
सबसे छोटी बहन बनीं सरकारी टीचर
सबसे छोटी बहन मानसी का विवाह इंजीनियर विकास कुमार से हुआ। एक बच्चे की मां बनने के बावजूद मानसी ने तैयारी नहीं छोड़ी। ससुराल का पूरा सहयोग मिला और कठिन परिश्रम के बल पर उन्होंने बीपीएसी टीआरई-1 की परीक्षा उत्तीर्ण की। आज तीनों बहनों की ये कहानी लाखों लोगों को प्रेरित कर रही है।
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