अपूर्वा पांडे मूल रूप से उत्तराखंड के हल्द्वानी की रहने वाली है। पंतनगर से बीटेक करने के बाद बाद अपूर्वा ने 2017 की UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया 39वीं रैंक हासिल की थी।
कौन हैं अपूर्वा पांडे
अपूर्वा पांडे मूल रूप से उत्तराखंड के हल्द्वानी की रहने वाली है। पंतनगर से बीटेक करने के बाद बाद अपूर्वा ने 2017 की UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया 39वीं रैंक हासिल की थी। महज 23 साल की उम्र में देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएसी को पास कर अपूर्वा ने रिकॉर्ड भी बनाया। इसके साथ ही 30 साल की उम्र में प्रदेश की सबसे युवा कलेक्टर बनने का भी कीर्तिमान स्थापित किया।
परिवार में 15 लोगों के पास सरकारी नौकरी
आईएएस अपूर्वा पाण्डे का परिवार सरकारी नौकरियों की खान है। खुद अपूर्वा समेत 15 सदस्य सरकारी नौकरी लग चुके हैं। लेकिन आईएएस बनने वाली वह परिवार में पहली महिला हैं।
अपूर्वा पांडे की पढ़ाई-लिखाई
अपूर्वा ने अपनी स्कूलिंग हल्द्वानी के सेंट मेरीज स्कूल से की। घर में उन्हें मन्नू नाम से पुकारा जाता है। अपूर्वा की माता मीना पांडे जीजीआईसी नैनीताल में रसायन विज्ञान की शिक्षिका हैं जबकि पिता किशन चंद्र पांडे कोटाबाग पॉलिटेक्निक के अध्यापक हैं।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक
अपूर्वा पांडे ने जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। अपूर्वा ने बीटेक के बाद एक साल घर पर ही रह कर यूपीएससी की तैयारी की। इसके लिए उन्होंने बिल्कुल नए विषय राजनीतिशास्त्र और अंतरराष्ट्रीय संबंध चुनकर पहले प्रयास में सफलता पाई। बता दें कि अपूर्वा की पहली पोस्टिंग एसडीएम रानीखेत के रूप में हुई। ट्रेनिंग के दौरान डोईवाला में तहसीलदार, बीडीओ के पद पर तैनात रही।
सबसे यंग हैं अपूर्वा पांडे
एनडीटीवी में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उत्तराखंड में कुल 13 कलेक्टर हैं। उनमें सबसे कम उम्र 33 वर्षीय अपूर्वा पाण्डे की है। बागेश्वर से पहले अपूर्वा पाण्डे अपर सचिव (पेयजल एवं गृह विभाग), निदेशक (स्वजल) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) पौड़ी गढ़वाल के पदों पर तैनात रह चुकी है। इसके अलावा उन्होंने रानीखेत, रुड़की और देहरादून में भी विभिन्न प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
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