कई युवाओं का विदेश में नौकरी करने का सपना होता है। अगर आपका भी जर्मनी में नौकरी करने का सपना है, तो आपको यह मालूम होता चाहिए कि यहां पर नौकरी पाने के लिए किस तरह के वीजा की जरूरत होती है। दरअसल, जो लोग यूनियन के देशों के नागरिक नहीं हैं, लेकिन उनको वहां नौकरी मिल गई है, जर्मनी उन लोगों को कई तरह के वर्क वीजा का ऑप्शन देता है। विदेशी वर्कर्स को जर्मनी में रहने के लिए और जॉब के लिए यह वीजा इजाजत देता है।
हालांकि कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करने के बाद आगे जाकर विदेशी वर्कर्स जर्मनी में स्थायी रूप से रहने के अलावा वहां की नागरिकता पाने का भी मौका प्राप्त कर सकते हैं। जो भी यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र, यूरोपियन यूनियन या स्विट्जरलैंड का नागरिक नहीं है, आमतौर पर जर्मनी में उसको काम करने के लिए रेजिडेंस परमिट और वीजा की जरूरत होती है। यूरोपियन यूनियन के बाहर के अधिकतर नागरिकों को जर्मनी आने से पहले वर्क वीजा लेना जरूरी होता है।
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वर्क वीजा के लिए शर्तें
आमतौर पर जर्मनी वर्क वीजा प्राप्त करने के लिए भारतीय वर्कर्स को कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी होता है।
संबंधित यूनिवर्सिटी या वोकेशनल योग्यताएं होनी चाहिए।
अपना खर्च उठाने के लिए पर्याप्त इनकम होनी चाहिए।
किसी जर्मन कंपनी से जॉब का वैलिड ऑफर होना चाहिए।
भारतीय वर्कर्स के पास ऐसी क्वालिफिकेशन होनी चाहिए, जिसको जर्मन स्टैंडर्ड के बराबर या मान्यता प्राप्त माना जाए।
जहां पर जरूरी हो, वहां पर जर्मन भाषा का ज्ञान होना चाहिए।
नौकरी शुरू करने से पहले भारतीय वर्कर्स को वीजा और रेजिडेंस परमिट लेना जरूरी है।
वहीं कुछ वीजा कैटेगिरी में जैसे EU ब्लू कार्ड के लिए आवेदकों को न्यूनतम सैलरी की शर्त को पूरा करना होता है।
कितने तरह होता है वर्क वीजा
प्रोफेशन और क्वालिफिकेशन के आधार पर जर्मनी भारतीय वर्कर्स को कई तरह के वर्क वीजा देता है।
क्वालिफाइड एम्प्लॉयमेंट वीजा
यह वीजा उन प्रोफेशनल्स के लिए होता है, जिनके पास मान्यता प्राप्त क्वालिफिकेशन होने के साथ-साथ जॉब ऑफर होता है।
EU ब्लू कार्ड
बहुत ज्यादा उन योग्य वर्कर्स के लिए जो सैलरी की तय लिमिट को पूरा करते हैं।
प्रोफेशनली एक्सपीरियंस्ड वर्कर वीजा
यह वीजा उन आवेदकों के लिए होता है, जिनके पास संबंधित प्रोफेशनल एक्सपीरियंस होता है।
सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट और फ्रीलांस वीजा
यह वीजा उन फ्रीलांसरों और आंत्रप्रेन्योर के लिए है, जो स्वतंत्र रूप से काम करना चाहते हैं।
रिसर्चर वीजा
यह वीजा उन आवेदकों के लिए होता है, जो जर्मनी में रिसर्च का काम करते हैं।
वीजा आवेदन का प्रोसेस
अधिकतर आवेदकों को अपने देश में मौजूद जर्मन दूतावास या वाणिज्य दूतावास के जरिए अपने वर्क वीजा के लिए आवेदन करना होता है। वहीं व्यक्तिगत रूप से जाने से पहले भी कुछ जर्मन मिशन बायोमेट्रिक अप्वाइंटमेंट के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देते हैं। विदेशी कर्मचारियों को जर्मनी पहुंचने के बाद स्थानीय ‘फॉरेनर्स ऑफिस’ से रेजिडेंस परमिट के लिए आवेदन करना होता है।
कितने समय के लिए वैलिड होता है वीजा
आमतौर पर जर्मन का वर्क वीजा सिर्फ 1 साल के लिए जारी किया जाता है। जर्मनी पहुंचने के बाद कर्मचारियों को रेजिडेंस परमिट मिलता है। जोकि 4 साल तक के लिए वैलिड हो सकता है। लेकिन अगर जॉब का कॉन्ट्रैक्ट 4 साल से कम है, जो आमतौर पर रेजिडेंस परमिट कॉन्ट्रैक्ट की अवधि और इसके बाद 3 महीने के लिए एक्स्ट्रा जारी किया जाता है।
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