शशांक की कहानी का अहम पहलू यह कि वह अपनी सफलता को माता-पिता के साथ शेयर करते हैं। बताया जाता है कि वह हर महीने अपने माता-पिता को 1 लाख रुपये भेजते हैं।
पिता की कमाई थी 3-4 हजार रुपये माह
शशांक अग्रवाल का परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक उनके पिता एक दुकान चलाते थे और उनकी मासिक कमाई करीब 3,000 से 4000 रुपये थी। सीमित आमदनी के बावजूद उनके पिता ने बेटे की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। शशांक की शिक्षा जारी रखने के लिए उन्होंने कर्ज तक लिया। ऐसे में शशांक के लिए IIT बॉम्बे तक पहुंचना सिर्फ एक परीक्षा पास करने या कॉलेज में दाखिला लेने की उपलब्धि नहीं थी। यह उनके परिवार के संघर्ष और पिता के त्याग का भी परिणाम था।
JEE Advanced में हासिल की AIR 20
शशांक ने अपनी मेहनत के दम पर JEE Advanced में ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल की। इस शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें IIT बॉम्बे जैसे देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थान में पढ़ने का मौका मिला। उन्होंने यहां से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) में B.Tech की डिग्री पूरी की। JEE Advanced में उनकी रैंक कई वर्षों की तैयारी और मेहनत का नतीजा थी।
IIT बॉम्बे से निकलकर 1.5 करोड़ रुपये का पैकेज
B.Tech की पढ़ाई पूरी करने के बाद शशांक ने कॉरपोरेट जगत में कदम रखा। रिपोर्ट्स की मानें, तो शशांक इस वक्त Zanskar Corporation में Analyst के तौर पर काम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका सालाना कुल पैकेज करीब 1.5 करोड़ रुपये है। बताया जाता है कि उनके प्री-टैक्स पैकेज में करीब 55 लाख रुपये बेस सैलरी और लगभग 50 लाख रुपये वैरिएबल पे या परफॉर्मेंस बोनस शामिल है। बाकी घटकों को मिलाकर उनका कुल रिपोर्टेड CTC करीब 1.5 करोड़ रुपये पहुंचता है।
सैलरी के आंकड़े
रिपोर्ट्स में उनकी सैलरी का डेटा भी शेयर किया गया है, जिसके मुताबिक शशांक की ग्रॉस मंथली इनकम करीब 8.75 रुपये लाख है। टैक्स और अन्य कटौतियों के बाद उनकी अनुमानित टेक-होम सैलरी करीब 5.88 रुपये लाख प्रति माह रह जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 2.83 लाख रुपये टैक्स, 3,600 रुपये EPF और 200 प्रोफेशनल टैक्स के रूप में कटते हैं। इस हिसाब से उनकी सालाना पोस्ट-टैक्स टेक-होम इनकम करीब 70.54 लाख रुपये बैठती है। दिलचस्प बात यह है कि उनकी बताई गई सिर्फ एक महीने की टैक्स देनदारी ही कई युवाओं की पूरी सालाना कमाई से ज्यादा है।
माता-पिता को हर महीने भेजते हैं 1 लाख रुपये
शशांक की कहानी का अहम पहलू यह कि वह अपनी सफलता को माता-पिता के साथ शेयर करते हैं। बताया जाता है कि वह हर महीने अपने माता-पिता को 1 लाख रुपये भेजते हैं। यह उस परिवार के संघर्ष और त्याग को सम्मान देने का उनका तरीका है, जिसने सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी।
(डिस्क्लेमर: इस कहानी में किए गए सभी दावे और विचार संबंधित व्यक्ति के निजी अनुभव हैं। ‘लाइव हिंदुस्तान’ वेबसाइट सोशल मीडिया पोस्ट पर किए गए इन दावों की पुष्टि नहीं करती है।)
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