एक ऐसी ही कहानी है अजीत कुमार की, जो कभी फूड डिलीवरी का काम करते थे। इस दौरान वो रोज करीब 100 किलोमीटर साइकिल चलाते और 16 घंटे तक काम करते थे। इसके पीछे कई वजहें थी। एक तो आर्थिक तंगी, दूसरी पारिवारिक जिम्मेदारी और कर्ज। इन्हीं चीजों को लेकर वो दिन-रात मेहनत किया करते थे।
लेखन प्रतिभा को पहचाना
हालांकि, यही मुश्किल दौर उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। इस हादसे के बाद अजीत कुमार ने अपनी लेखन प्रतिभा को पहचाना और ऑडियो-फिक्शन लिखना शुरू किया। अपनी मेहनत और रचनात्मकता के दम पर उन्होंने इस क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की और आज वे भारत के सबसे सफल ऑडियो-फिक्शन लेखकों में गिने जाते हैं। उनकी कहानी बताती है कि कई बार जिंदगी की सबसे बड़ी मुश्किलें ही नई सफलता की राह खोल देती हैं।
1000 से अधिक एपिसोड लिखे
बता दें कि पूर्व डिलीवरी राइडर अजीत ने Pocket FM की सुपरहिट सीरीज ‘ब्रह्मयोद्धा: द डिस्ट्रॉयर’ के 1000 से अधिक एपिसोड लिखे हैं। इस सीरीज को अब तक 16.8 करोड़ से ज्यादा बार सुना जा चुका है। आर्थिक तंगी से जूझने वाले अजीत आज अपनी लेखनी के दम पर 1 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुके हैं और उनकी सफलता की कहानी हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
डॉक्टर बनने का था सपना
अजीत कुमार उत्तर प्रदेश के रामपुर के रहने वाले हैं। उनका सपना डॉक्टर बनने का था। बाद में उनका परिवार हरियाणा के फरीदाबाद आ गया। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपनी मेडिकल की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। परिवार का खर्च चलाने के लिए उन्होंने Swiggy में डिलीवरी पार्टनर की नौकरी शुरू की। क्योंकि कोविड-19 महामारी के दौरान उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। परिवार पर करीब 7 लाख रुपये का कर्ज हो गया, जिसके कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी। उस समय वे रोज 16 घंटे तक काम करते थे और कई बार करीब 100 किलोमीटर साइकिल चलाकर फूड डिलीवरी करते थे, ताकि परिवार की आर्थिक मदद कर सकें।
एक हादसे ने बदल दी पूरी जिंदगी
फूड डिलीवरी की हर डिलीवरी के साथ अजीत अपने माता-पिता की मदद करने और परिवार की उम्मीदों को जिंदा रखने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन तभी उनकी जिंदगी में एक बड़ा हादसा हो गया। एक गंभीर सड़क दुर्घटना में अजीत को कई फ्रैक्चर आए और उन्हें कई महीनों तक बिस्तर पर रहना पड़ा। हादसे के बाद उनकी नौकरी छूट गई और परिवार पर पहले से मौजूद कर्ज के कारण भविष्य पूरी तरह अनिश्चित नजर आने लगा।
लेखक के पद के बारे में मिली जानकारी
इलाज के दौरान अजीत घर से किए जा सकने वाले काम (वर्क फ्रॉम होम) की तलाश करने लगे। इसी दौरान उन्हें Pocket FM में लेखक (राइटर) के पद के बारे में जानकारी मिली। हालांकि, इससे पहले उन्होंने कभी पेशेवर तौर पर कहानी लेखन नहीं किया था, लेकिन उन्होंने इस अवसर को आजमाने का फैसला किया। यही फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। लेखन की दुनिया में कदम रखते ही अजीत ने अपनी प्रतिभा से पहचान बनाई और आगे चलकर सफलता की नई कहानी लिख दी।
20 हजार रुपये की पहली कमाई, फिर बने बेस्टसेलिंग लेखक
अजीत कुमार ने अस्पताल के बिस्तर पर लेटे-लेटे ही लिखना शुरू किया। वे कई बार एक ही दिन में कई एपिसोड लिखते थे। उनकी मेहनत रंग लाई और महज तीन महीने के भीतर उनकी एक कहानी Pocket FM की राइटिंग प्रतियोगिता में शीर्ष पर पहुंच गई। लेखन से मिली उनकी पहली कमाई 20 हजार रुपये थी, जिसे उन्होंने बिना देर किए अपनी मां को दे दिया।
अगले ही महीने उनकी आय बढ़कर 52 हजार रुपये हो गई। जैसे-जैसे उनकी कहानियां लोकप्रिय होती गईं, उनकी कमाई भी तेजी से बढ़ी। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें एक महीने में 6.29 लाख रुपये तक का भुगतान मिला और बाद में उनकी कुल कमाई 1 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई।
युवाओं के लिए बड़ी सीख
अजीत कुमार की कहानी बताती है कि करियर हमेशा सीधी राह पर नहीं चलता। कई बार जो परिस्थिति असफलता जैसी लगती है, वही आगे चलकर सबसे बड़ी सफलता का कारण बन जाती है। उनका सफर सिखाता है कि मुश्किल हालात में भी धैर्य, नई चीजें सीखने की इच्छा और खुद पर भरोसा इंसान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
डिस्क्लेमर: इस कहानी में किए गए सभी दावे और विचार संबंधित व्यक्ति के निजी अनुभव हैं। ‘लाइव हिंदुस्तान’ वेबसाइट सोशल मीडिया पोस्ट पर किए गए इन दावों की पुष्टि नहीं करती है।
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