दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट ‘फीफा वर्ल्ड कप’ का शानदार समापन हो गया है। फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फीफा अध्यक्ष गियानी इन्फेंटिनो के साथ मिलकर विजेता टीम स्पेन को वर्ल्ड कप ट्रॉफी सौंपी।
हालांकि, भले ही स्पेन यह टूर्नामेंट जीता हो, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इसे अमेरिका की एक बड़ी जीत मान रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह साबित हो गया कि अमेरिका भी एक फुटबॉल प्रेमी देश है और आगे भी रहेगा। इस आयोजन ने पूरी दुनिया को एक साथ लाने का काम किया है।”
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें एक मेजबान के रूप में देश की सफलता पर गर्व है। उन्होंने आगे कहा, “पूरी दुनिया से लोग यहां आए हैं और वे हमारे देश से प्यार करते हैं।” उन्होंने फाइनल को एक कड़ा और रोमांचक मैच बताया और बेहतरीन प्रदर्शन के लिए स्पेन की तारीफ की। वह रविवार के फाइनल मैच में राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर मरीन वन से पहुंचे थे।
अमेरिका फिर से मेजबानी के लिए तैयार
राष्ट्रपति ट्रंप इस आयोजन की सफलता से इतने खुश हैं कि उन्होंने फीफा अध्यक्ष को अगला वर्ल्ड कप भी जल्द ही फिर से अमेरिका में कराने का सुझाव दे डाला है। इस बार वर्ल्ड कप की मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको ने मिलकर की थी। सख्त वीजा नियमों और कुछ देशों जैसे ईरान के फैंस पर पाबंदियों के कारण शुरुआत में सरकार की काफी आलोचना हुई थी।
टूर्नामेंट के दौरान तब विवाद खड़ा हो गया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद फीफा अध्यक्ष को फोन लगा दिया। दरअसल, अमेरिकी खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन को मिले ‘रेड कार्ड’ (मैच से बाहर करने का फैसला) से ट्रंप नाराज थे और उन्होंने इस फैसले की समीक्षा करने को कहा था।
फैंस ने उठाया लुत्फ
शुरुआत में मानवाधिकार संगठनों और लोगों को डर था कि अमेरिका के कड़े नियमों के कारण फैंस को परेशानी होगी और टिकटों के दाम भी बहुत ज्यादा हैं। लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़े, माहौल पूरी तरह बदल गया। सोशल मीडिया पर दुनिया भर से आए फुटबॉल फैंस की तस्वीरें और वीडियो छाए रहे, जहां वे अमेरिकी संस्कृति, वहां के खान-पान और मैचों का जमकर लुत्फ उठाते नजर आए। व्हाइट हाउस टास्क फोर्स के मुताबिक, यह आयोजन केवल खेल के मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने दुनिया को एक खूबसूरत सांस्कृतिक अनुभव भी दिया।
स्पेन बना फीफा वर्ल्ड कप 2026 का चैंपियन
बता दें कि न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में स्पेन ने गत चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीत लिया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर थीं। इसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा, जहां 106वें मिनट में निको विलियम्स के पास पर सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी फेरान टोरेस ने मैच का एकमात्र और विजयी गोल दागा।
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