बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वे अपनी पत्नी के ऑपरेशन के सिलसिले में चेन्नई में थे। गुरुवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, उनकी पत्नी का हाल ही में हार्ट बायपास का ऑपरेशन हुआ था। डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। इसी कारण शिवरतन अग्रवाल परिवार सहित वहां के एक होटल में ठहरे हुए थे। सुबह असहज महसूस कर रहे थे गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे शिवरतन अग्रवाल कुछ असहज महसूस कर रहे थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया था। जहां उनका निधन हो गया। शिवरतन अग्रवाल ने साल 1993 में बीकानेर में बीकाजी ब्रांड की स्थापना की थी। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार आज एक बड़े फूड ब्रांड के रूप में स्थापित है। बीकानेर से साल 1986 में हुई थी बीकाजी की शुरुआत बिजनेस के बंटवारे के बाद शिव रतन अग्रवाल ने अपने खानदानी बिजनेस ‘हल्दी राम’ से अलग होकर खुद का बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा। अपनी अलग पहचान बनाने की जिद के साथ शिव रतन अग्रवाल बीकानेर पहुंच गए। यहां उन्होंने ‘शिवदीप फूड्स प्रोड्क्ट्स’ के नाम से भुजिया बनाने का बिजनेस शुरू किया। इसके साथ ही भारतीय स्नैक मार्केट की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बीकाजी ब्रांड की शुरुआत हुई। एक यूनीक पहचान बनाने के लिए नाम रखा बीकाजी शिव रतन चाहते थे कि असली भारतीय टेस्ट को पूरी दुनिया में पहचान मिले। उन्हें लगा कि ब्रांड का नाम ऐसा हो जो सभी को आसानी से याद हो जाए और एक यूनीक पहचान भी दे। साल 1993 में कंपनी का ब्रांड नेम बीकाजी रखा गया। यह नाम बीकानेर शहर के संस्थापक राव बीका के नाम पर है। बीकानेर शहर का नाम भी राव बीका के नाम पर ही रखा गया था। 8वीं पास शिव रतन ने क्रिएटिव विजन से बनाया ब्रांड शिव रतन अग्रवाल ने केवल 8वीं तक पढ़ाई की है। उन्होंने अपने क्रिएटिव विजन से बीकाजी को एक ब्रांड बनाया। जब वे अपने बिजनेस की शुरुआत कर रहे थे तो उन्होंने कई देशों की यात्रा की। दरअसल, उस समय तक भुजिया केवल हाथों से ही बनाई जाती थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि इस इंडियन स्नैक को मशीनों से भी बनाया जा सकता है। मगर शिव रतन ने मशीन से भुजिया बनाने का सेट-अप बनाया। बीकाजी भारत का पहला ऐसा ब्रांड बना जिसने मशीन से भुजिया बनाई। इससे बीकाजी की प्रोडक्टिविटी और क्वालिटी दोनों बढ़ी। बीकाजी के प्रोडक्ट्स की मेकिंग से लेकर पैकिंग तक हर काम मशीन से होने लगा। बीकाजी आज इंटरनेशनल ब्रांड है इसलिए प्रोडक्ट्स में सभी पैरामीटर्स का ध्यान रखा जाता है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.