मकाऊ में आयोजित दैनिक भास्कर एशिया अवॉर्ड्स ऑफ एक्सीलेंस 2026 के दौरान अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने सफलता, फिटनेस, परिवार और जीवन पर बात की। उन्होंने कहा कि वह खुद को किसी एक पहचान तक सीमित नहीं मानतीं, बल्कि अनुशासन, सकारात्मक सोच और सीखने में विश्वास रखती हैं। शिल्पा ने बताया कि उनके लिए सफलता सिर्फ नाम और उपलब्धियां नहीं, बल्कि परिवार का गर्व, लोगों का प्यार और जीवन में संतुलन है। सवाल: इतने सालों की सफलता, फेम और उपलब्धियों के बाद अगर पूछा जाए कि ‘शिल्पा शेट्टी कुंद्रा कौन हैं?’, तो आपका जवाब क्या होगा? जवाब: सबसे पहले दैनिक भास्कर ग्रुप का धन्यवाद, जिन्होंने मुझे यहां आमंत्रित किया। जहां तक सवाल है कि शिल्पा शेट्टी कौन हैं, तो मैं सबसे पहले एक इंसान हूं। मैं चाहती हूं कि लोग मुझे एक अच्छी इंसान के रूप में याद रखें। मेरी उपलब्धियां, मेरा फेम अलग बातें हैं। चाहे एक एक्टर, एंटरप्रेन्योर या वेलनेस एक्टिविस्ट के तौर पर, मेरी असली पहचान यही है कि मैं एक सिंपल और अच्छी इंसान हूं। सवाल: जब आप अपनी जर्नी को पीछे मुड़कर देखती हैं, तो कौन-सा चैप्टर सबसे खास लगता है? जवाब: सच कहूं तो मैं पीछे मुड़कर देखना पसंद नहीं करती। मैं वर्तमान में जीना पसंद करती हूं। मुझे ‘अब’ को एंजॉय करना अच्छा लगता है। यही मेरी जिंदगी का मंत्र रहा है- प्रेजेंट में रहो और उस पल को जियो। अभी मैं यहां हूं और पूरी तरह आप लोगों के साथ हूं। यही सीख मैं अपने बच्चों को भी देती हूं। सवाल: आपने हर दौर में खुद को री-इन्वेंट किया और नए बेंचमार्क बनाए। इस री-इन्वेंशन का सीक्रेट क्या है? जवाब: जिंदगी वही है जहां सीखना कभी बंद न हो। मेरे लिए हर दिन नया अनुभव और सीखने का मौका है। मैं ठहरना पसंद नहीं करती। जिस दिन आपको लगने लगे कि सब हासिल कर लिया, उसी दिन ग्रोथ रुक जाती है। आज भी मुझे लगता है कि मैं न्यूकमर हूं और मुझे अभी बहुत कुछ साबित करना है। अभी तो ये इब्तदाए इश्क है, आगे-आगे देखिए होता है क्या। सवाल: आज वाली शिल्पा और ‘बाजीगर’ वाली शिल्पा में सबसे बड़ा फर्क क्या है? जवाब: आसान जवाब है- उम्र। लेकिन उम्र सिर्फ एक नंबर है। आप उम्र बढ़ने से नहीं रोक सकते, लेकिन कैसे उम्र बढ़ानी है, ये आपके हाथ में है। ये सब लाइफस्टाइल, डिसिप्लिन और कंसिस्टेंसी पर निर्भर करता है। लोग सोचते हैं कि मैं जेनेटिकली ब्लेस्ड हूं या कुछ नहीं करती, लेकिन ऐसा नहीं है। मैं संतुलित और पॉजिटिव लाइफ जीती हूं। शायद यही फर्क है। सवाल: आपके लिए फिटनेस क्या है- पैशन, प्रोफेशन या लाइफस्टाइल? जवाब: मेरे लिए फिटनेस एक लाइफस्टाइल है। बहुत लोग किसी शादी के लिए या किसी को जलाने के लिए फिट होना चाहते हैं। लेकिन मैं फिट इसलिए रहना चाहती हूं क्योंकि मैं अपने बच्चों के साथ जिंदगी के हर पल को जीना चाहती हूं। सिर्फ फिजिकल फिटनेस नहीं, मानसिक फिटनेस भी जरूरी है। मैं प्राणायाम करती हूं और खुद को समय देती हूं। खासतौर पर महिलाओं से मैं कहना चाहूंगी कि अपने लिए समय निकालना गलत बात नहीं है। अगर घर की महिलाएं खुश रहेंगी, तो पूरा परिवार खुश रहेगा। सवाल: आपके चीट मील वाले वीडियो वायरल होते हैं। हाल ही में बर्थडे भी था, तो आजकल आपका पसंदीदा चीट मील क्या है? जवाब: देखिए, फिटनेस हो या खाना- चीट करना किसी भी चीज में अच्छा नहीं होता। जैसे शादी में चीट नहीं कर सकते, वैसे ही फिटनेस में भी नहीं। मैं सिर्फ रविवार को एक ‘बिंज डे’ रखती हूं। लेकिन मैंने देखा कि लोग मेरे रविवार वाले वीडियो देखकर बाकी दिनों में भी वही करने लगते हैं। मेरा मानना है कि अगर आप पूरे हफ्ते संतुलन, अनुशासन और एक्सरसाइज रखें, तो सप्ताह में एक दिन बिना अपराधबोध के अपनी पसंद की चीज खा सकते हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि एक किलो बिरयानी, पूरा पिज्जा और आधा किलो केक खा लिया जाए। हर चीज बैलेंस के साथ होनी चाहिए। और सबसे जरूरी- खाते समय गिल्ट महसूस मत कीजिए, क्योंकि तनाव पाचन को प्रभावित करता है। सवाल: आपके बारे में ऐसा कौन-सा मिथ है और कौन-सी बात लोग नहीं जानते? जवाब: लोगों को लगता है कि मैं बहुत पार्टी करती हूं और आउटगोइंग हूं। लेकिन सच्चाई बिल्कुल उलट है। मैं हॉस्पिटैलिटी बिजनेस में हूं, मेरे अपने रेस्टोरेंट हैं, लेकिन मुझे शोर-शराबा पसंद नहीं है। असल में मैं होम बॉडी हूं। शनिवार की रात मैं अक्सर अपने बच्चों को सुलाकर 9 बजे पजामा पहनकर बिस्तर में होती हूं। मुझे वही जिंदगी पसंद है। सवाल: आप बिजनेसवुमन, एक्टर और स्टार भी हैं। ज्यादा मुश्किल क्या है- एक्टिंग या बिजनेस? जवाब: दोनों अलग दुनिया हैं, उनकी तुलना नहीं की जा सकती। बिजनेस में कई काम डेलीगेट किए जा सकते हैं, लेकिन एक्टिंग में परफॉर्म मुझे ही करना होता है। वहां किसी और को नहीं भेज सकते। इसलिए मेरे लिए एक्टिंग ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। लेकिन एक चीज हमेशा खास रहती है- ऑडियंस के साथ जो रिश्ता बनता है, वो सच्चा और खास होता है। लोगों की आंखों में प्यार देखकर मैं हमेशा भावुक हो जाती हूं। सवाल: घर में सबसे ज्यादा डिसिप्लिन कौन रखता है- आप, राज या बच्चे? जवाब: पैरेंटिंग पार्टनरशिप है। कोई एक इंसान सब नहीं कर सकता। कभी मैं गुड कॉप बन जाती हूं और राज बैड कॉप, कभी रोल बदल जाते हैं। घर चलाने और बच्चों को संभालने में संतुलन जरूरी है। सवाल: फिल्मी जिंदगी का कोई फनी या एम्बैरसिंग मोमेंट जो आज भी याद आता हो? जवाब: बहुत सारे हैं। कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें मैं भूल जाना चाहती हूं। लेकिन एक मजेदार बात ‘बाजीगर’ से जुड़ी है। लोग आज भी उस सीन की बात करते हैं जिसमें मैं गिरते हुए मुस्कुरा रही हूं। उस समय वीएफएक्स नहीं हुआ करता था। हमने वो सीन कई बार शूट किया था। आज भी ध्यान से देखें तो उसमें इस्तेमाल हुई स्ट्रिंग दिखाई देती है। लेकिन उससे एक बात सीखी- फिल्में सिर्फ पैसों से नहीं बनतीं, उनमें आत्मा होनी चाहिए। ‘बाजीगर’ में वही बात थी, इसलिए लोग आज भी उसे याद करते हैं। सवाल: बहुत कुछ हासिल किया है आपने। लेकिन कौन-सी चीज आपको आज भी बच्चे की तरह एक्साइट कर देती है? जवाब: जब मैं किसी पेड़ पर फल देखती हूं तो मुझे खुशी होती है। मुझे खुद जाकर उसे तोड़ने का मन करता है। जब मैं ऐसी जगह होती हूं जहां लोग मुझे पहचानते नहीं हैं और मैं सामान्य तरीके से घूम सकती हूं, तो मुझे अच्छा लगता है। मैं दिल से आज भी बच्ची हूं और अपना बचपन नहीं खोना चाहती।
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