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आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। सूर्य नमस्कार को ‘योग की आत्मा’ कहते हैं। इसमें 12 आसन होते हैं। इसलिए इसे ‘कंप्लीट एक्सरसाइज’ भी कहा जाता है। यह फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद है।
हाल ही में ‘अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन’ (ADA) की एनुअल मीटिंग में एक भारतीय स्टडी पेश की गई। इस स्टडी के मुताबिक, नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से टाइप-2 डायबिटिक पेशेंट में हार्ट और नर्व्स से जुड़ी कुछ समस्याओं में सुधार हो सकता है।
यह फिटनेस, वेट कंट्रोल, अच्छी नींद, स्ट्रेस कम करने और बॉडी फ्लेक्सिबिलिटी के लिए भी फायदेमंद है।
आज ‘जरूरत की खबर’ में सूर्य नमस्कार के फायदों पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- क्या सूर्य नमस्कार से डायबिटीज कंट्रोल हो सकता है?
- सूर्य नमस्कार करने का सही तरीका है?
- सूर्य नमस्कार में कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?
एक्सपर्ट: डॉ. अरुण कुमार साव, असिस्टेंट प्रोफेसर, योग शिक्षा विभाग, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, म.प्र.
सवाल- सूर्य नमस्कार पर भारत में हुई नई स्टडी क्या है?
जवाब- यह एक भारतीय मल्टीसेंटर पायलट स्टडी (छोटी, शुरुआती स्टडी) है, जिसे जून 2026 में ‘अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन’ (ADA) की एनुअल मीटिंग में पेश किया गया।
इसमें देखा गया कि क्या नियमित और सुपरवाइज्ड सूर्य नमस्कार से टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में कार्डिएक ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी (CAN) कंडीशन को सुधारा जा सकता है।
इस कंडीशन में हार्ट और ब्लड वेसल्स को कंट्रोल करने वाली नर्व्स डैमेज हो जाती हैं। यह एक गंभीर कंडीशन है।
स्टडी किस पर की गई?
- टाइप-2 डायबिटीज वाले 90 एडल्ट पेशेंट्स पर की गई।
- सभी को कार्डिएक ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी (CAN) कंडीशन थी।
स्टडी कितने समय चली?
- कुल 6 महीने तक।
- यह कई हॉस्पिटल्स/रिसर्च सेंटर्स में की गई।
स्टडी कैसे की गई?
- 47 लोगों को डायबिटीज ट्रीटमेंट के साथ सूर्य नमस्कार कराया गया।
- 43 लोगों को सिर्फ डायबिटीज ट्रीटमेंट दिया गया।
कितना सूर्य नमस्कार किया?
प्रशिक्षित एक्सपर्ट्स की निगरानी में-
- रोज 12 राउंड।
- सप्ताह में 5 दिन।
- 6 महीने तक।
- एज, फिटनेस और हेल्थ कंडीशन के अनुसार फ्रीक्वेंसी में बदलाव भी किए गए।
सवाल- इस स्टडी से क्या पता चला?
जवाब- इस स्टडी में कई सकारात्मक रिजल्ट मिले।
1. नर्व फंक्शनिंग में सुधार
- सूर्य नमस्कार कर रहे 25.5% पेशेंट्स में CAN कंडीशन नॉर्मल लेवल पर आ गई।
- कंट्रोल ग्रुप यानी जो सिर्फ मेडिकेशन पर थे, उनमें केवल 7% लोगों में सुधार हुआ।
2. हार्ट वेसल्स टेस्ट में सुधार
इन पैरामीटर्स में सुधार दिखा:
- वल्साल्वा रेशियो
- E रेशियो
- ये दोनों टेस्ट बताते हैं कि ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम हार्ट रेट को कैसे कंट्रोल कर रहा है।
3. मेंटल हेल्थ में सुधार
- एंग्जाइटी कम हुई।
- डिप्रेशन में भी कमी आई।
- शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हुआ।

सवाल- क्या सूर्य नमस्कार से डायबिटीज कंट्रोल किया जा सकता है?
जवाब- सूर्य नमस्कार अकेले डायबिटीज कंट्रोल नहीं कर सकता, लेकिन यह डायबिटीज मैनेजमेंट में मददगार साबित हो सकता है।
- स्टडी में सूर्य नमस्कार से टाइप-2 डायबिटीज से जुड़े कुछ कॉम्प्लिकेशंस में सुधार दिखा।
- हालांकि, HbA1c यानी औसत ब्लड शुगर में कोई बड़ा बदलाव नहीं मिला।
- इसलिए सूर्य नमस्कार डायबिटीज की दवाओं, संतुलित डाइट, ब्लड शुगर मॉनिटरिंग और डॉक्टर कंसल्टेशन का विकल्प नहीं हो सकता है।
सवाल- क्या सूर्य नमस्कार मेडिकेशन से ज्यादा फायदेमंद है?
जवाब- ये कंपैरिजन ही गलत है, क्योंकि-
- मेडिकेशन सूर्य नमस्कार का विकल्प नहीं है और न ही सूर्य नमस्कार मेडिकेशन का विकल्प है।
- मेडिकेशन जरूरी है, लेकिन अगर उसके साथ रेगुलर सूर्य नमस्कार किया जाए तो दवा का असर और फायदा दोनों बढ़ जाता है।
सवाल- अगर कोई सिर्फ दवा खाए और सूर्य नमस्कार या कोई दूसरी एक्सरसाइज न करे तो भी ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगा?
जवाब- हां, दवा अपना काम करेगी और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखेगी। लेकिन एक्सरसाइज न करने और सिर्फ दवा के भरोेसे रहने से लॉन्ग टर्म में नुकसान हो सकता है। डायबिटीज के केस में ये नुकसान कुछ इस तरह दिख सकता है-
- दवा की मौजूदा डोज का असर धीरे-धीरे कम होने लगेगा।
- डॉक्टर दवा की डोज बढ़ाते जाएंगे।
- नई-नई दवाएं लिस्ट में जुड़ती जाएंगी।
- उतना ही शुगर कंट्रोल करने के लिए पहले से कहीं ज्यादा दवा खानी पड़ेगी।
सवाल- सूर्य नमस्कार के और क्या फायदे हैं?
जवाब- सूर्य नमस्कार एक कंप्लीट एक्सरसाइज है, जो फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों के लिए फायदेमंद है। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- सूर्य नमस्कार करने का सही तरीका क्या है?
जवाब- इसमें सभी आसनों का क्रम और सांस लेने का तरीका अहम होता है। इसके लिए सबसे पहले समतल जमीन पर एक मैट बिछाएं। इसके बाद सूर्य नमस्कार के सभी आसन क्रमवार तरीके से करें। सभी आसान करने का सही तरीका नीचे ग्राफिक में देखें-

सवाल- दिन में कितनी बार सूर्य नमस्कार करना चाहिए?
जवाब- इसकी कोई तय लिमिट नहीं है। आमतौर पर 5-7 राउंड करना काफी है। हालांकि, इस स्टडी में प्रतिभागियों को दिन में 12 राउंड सूर्य नमस्कार करवाया गया।
सवाल- एक बार में और एक दिन में मैक्सिमम कितनी बार सूर्य नमस्कार कर सकते हैं?
जवाब- सूर्य नमस्कार की संख्या व्यक्ति की उम्र, शारीरिक क्षमता, अनुभव और हेल्थ कंडीशन पर निर्भर करती है। शुरुआत में आमतौर पर 5-12 राउंड से शुरुआत कर सकते हैं और धीरे-धीरे संख्या बढ़ा सकते हैं। नियमित अभ्यास करने वाले लोग 24-25 राउंड तक करते हैं।
सवाल- एक सूर्य नमस्कार में कितनी कैलोरी बर्न होती है?
जवाब- सामान्य तौर पर एक सूर्य नमस्कार में लगभग 3-5 कैलोरी तक खर्च होती हैं। अगर सूर्य नमस्कार तेज गति और ज्यादा ऊर्जा के साथ किया जाए, तो कैलोरी खर्च बढ़ सकता है।
सवाल- सूर्य नमस्कार करते हुए क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए?
जवाब- सूर्य नमस्कार करते समय सही टेक्नीक और शरीर की क्षमता का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इन कॉमन गलतियों से बचना चाहिए-

सवाल- किन लोगों को सूर्य नमस्कार करते समय सावधानी बरतनी चाहिए?
जवाब- सूर्य नमस्कार एक प्रभावी योगाभ्यास है, लेकिन कुछ लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए-
- जिन्हें हार्ट डिजीज है।
- जिन्हें हाई बीपी है।
- जिन्हें लो बीपी की समस्या है।
- जिन्हें कमर दर्द या रीढ़ में दर्द की समस्या है।
- जिन्हें घुटनों या जोड़ों में दर्द है।
- जिन्हें गर्दन से जुड़ी समस्या है।
- जिन्होंने हाल ही में कोई सर्जरी करवाई है।
- जो किसी गंभीर चोट से उबर रहे हैं।
- गर्भवती महिलाएं।
सवाल- सूर्य नमस्कार का सही समय क्या है?
जवाब- सुबह सूर्योदय के समय या उसके आसपास करना सबसे प्रभावी होता है। इस समय एनवायर्नमेंट शांत होता है, शरीर तरोताजा रहता है। इसलिए अभ्यास से ज्यादा लाभ मिलते हैं।
सूर्य नमस्कार खाली पेट करना बेहतर माना जाता है। अगर सुबह समय न मिले तो शाम को भी किया जा सकता है, लेकिन भोजन करने के 3-4 घंटे बाद करना चाहिए।
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