वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी (VVP) के शिलांग सांसद रिकी एजे सिंग्कोन का गुरुवार (19 फरवरी 2026) की शाम फुटबॉल खेलते समय अचानक बीमार पड़ने के बाद निधन हो गया, जिससे मेघालय के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई. सूत्रों के अनुसार, सिंग्कोन गुरुवार शाम मावलाई मावियोंग के एक खेल के मैदान में दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने गए थे.
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक मैच के दौरान, वे मैदान पर गिर पड़े, जिससे वहां मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत पास के मावियोंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में इमेंरजी स्थिति में इलाज के लिए पहुंचाया. हालांकि, सूत्रों के अनुसार, उस समय अस्पताल में डॉक्टर की अनुपलब्धता के कारण उन्हें हायर सेंटर में रेफर कर दिया गया था. बाद में उन्हें एडवांस ट्रीटमेंट के लिए जाइआव स्थित डॉ. एच. गॉर्डन रॉबर्ट्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल सूत्रों ने बताया कि मेडिकल टीम के प्रयासों के बावजूद स्यंगकॉन को बचाया नहीं जा सका.
Shillong, Meghalaya: Deputy Chief Minister Prestone Tynsong reached the hospital to meet Lok Sabha MP from Shillong constituency, Dr. Ricky AJ Syngkon, who was rushed to Dr. H. Gordon Roberts’ Hospital this evening after suffering a heart attack. pic.twitter.com/Hw6NfyqTds
— IANS (@ians_india) February 19, 2026
रिकी एजे सिंग्कोन को कब मृत घोषित किया गया?
रिकी एजे सिंग्कोन को रात लगभग 8:42 बजे मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उनके समर्थक, सहकर्मी और राज्य के निवासी इस अचानक हुई क्षति से स्तब्ध रह गए. उनके निधन की खबर मिलते ही उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग, वीपीपी अध्यक्ष अर्देंट मिलर बसाईआवमोइट, कई विधायकों, वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे और परिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और सांत्वना दी. पहली बार सांसद बने सिंगकॉन ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भारी बहुमत से जीत हासिल करने के बाद एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती के रूप में अपनी पहचान बनाई थी.
VVP के टिकट पर लड़ा था चुनाव
VVP के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए उन्होंने तीन बार के कांग्रेस सांसद विंसेंट एच. पाला को 37 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से हराया था, जिससे मेघालय के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया था. जमीनी स्तर पर अपने जुड़ाव और आदिवासी अधिकारों, शासन और पारदर्शिता के लिए वकालत करने के लिए जाने जाने वाले सिंगकॉन के अचानक निधन से राज्य और राष्ट्रीय राजनीति, विशेष रूप से वीपीपी के भीतर, एक खालीपन सा आ गया है. सभी दलों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें एक समर्पित जन प्रतिनिधि के रूप में याद किया.
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