पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि पाकिस्तान अब एक ‘‘जिम्मेदार’’ राष्ट्र के रूप में पहचाना जाता है, जो न केवल अपनी रक्षा करना जानता है, बल्कि “वैश्विक शांति और स्थिरता की गारंटी देने वाला’’ बनकर भी उभरा है।
‘मारका-ए-हक’ के एक साल पूरे होने पर शनिवार देर रात प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी संदेश में शहबाज शरीफ ने शत्रुता के दौरान सशस्त्र बलों द्वारा निभायी गयी भूमिका की सराहना की।
पाकिस्तान ने पिछले वर्ष भारत के साथ हुए चार दिन के संघर्ष को ‘मारका-ए-हक’ नामक दिया था।
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों के मारे जाने के बाद भारत ने पिछले वर्ष छह-सात मई की दरमियानी रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था।
इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचों के नौ ठिकानों पर हवाई हमले किए गए थे, जिनमें कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए थे।
इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया था। पाकिस्तान ने जवाबी हमले किए थे। हालांकि भारतीय सेना ने उनमें से अधिकांश को विफल कर दिया था।
दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हॉटलाइन पर हुई बातचीत के बाद 10 मई को सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति बनने के साथ संघर्ष समाप्त हुआ था।
शहबाज शरीफ ने कहा कि थल, जल, वायु और साइबर क्षेत्रों में पाकिस्तान की सेनाओं के समन्वित जवाब ने देश की रक्षा क्षमताओं और राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत किया।
उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी आक्रामकता का ‘‘तत्काल, उचित और हर स्तर पर जवाब’’ दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अब ‘‘एक जिम्मेदार राष्ट्र’’ के रूप में पहचाना जाता है, जो न केवल अपनी रक्षा करना जानता है, बल्कि ‘‘वैश्विक शांति और स्थिरता की गारंटी देने वाला’’ भी बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका और हिंसा समाप्त कराने में उसके प्रयासों की दुनिया भर में सराहना की गयी है।
शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपने प्रयास जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
सुरक्षा स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा और अपनी सीमाओं पर सतर्कता बनाए रखेगा।
कश्मीर का जिक्र करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि यह मुद्दा दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता से जुड़ा हुआ है।
सोशल मीडिया पर एक अलग पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मारका-ए-हक’ पाकिस्तान की संप्रभुता और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के सामूहिक संकल्प, राष्ट्रीय एकता और दृढ़ता का प्रतीक बना रहेगा।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.