शेयर मार्केट में तेजी के क्या हैं कारण
ईरान-अमेरिका युद्ध में शांति की उम्मीद
मार्केट में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका-ईरान युद्ध में शांति की उम्मी का बढ़ना है। फिलहाल दोनों एक दूसरे पर हमले बंद कर रखे हैं और बातचीत की उम्मीद बढ़ गई है। खबरों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने सुझाव दिया कि बमबारी अभियान अब अपनी सीमा पर पहुंच गया है, इसलिए अमेरिका ने लगातार चौथी रात ईरान पर कोई हमला नहीं किया।
कच्चे तेल की कीमतें गिरीं
अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 9% से ज्यादा गिरकर लगभग 87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। इससे महंगाई और ब्याज दर बढ़ने की चिंता कम हुई। वह भी तब जब बुधवार को इसमें तेजी दर्ज की जा रही है।
आईटी स्टॉक्स में खरीदारी
घरेलू शेयर मार्केट में रौनक के पीछे आईटी स्टॉक्स में जबरदस्त खरीदारी भी एक वजह है। इन्फोसिस से लेकर टीसीएस तक के स्टॉक्स में इन 3 सत्रों में करीब 8 प्रतिशत की तेजी आई है। निफ्टी आईटी इंडेक्स इस दौरान 28767.95 से उछलकर 31325.95 के लेवल पर पहुंच गया।
रुपये की मजबूती
इधर रुपये में भी तेज उछाल आया, जिससे बाजार को और सहारा मिला। मंगलवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 63 पैसे मजबूत होकर 95.90 प्रति डॉलर पर बंद हुआ और आज बुधवार को 13 पैसे ऊपर 95.72 पर खुला। भारत में, रुपये को सहारा देने में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की सक्रिय भूमिका रही। बैंकर्स का कहना है कि सेंट्रल बैंक ने पिछले कुछ सेशन में डॉलर बेचकर मार्केट में अपना दखल बढ़ाया है। मार्केट के अनुमानों के अनुसार, RBI ने शुक्रवार को लगभग 8 से 9 अरब डॉलर बेचे।
क्या कह रहे एक्सपर्ट्स
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “मध्य पूर्व में हमलों के रुकने से आयात लागत और महंगाई बढ़ने की आशंका कम हुई, जिससे बाजार में राहत वाली तेजी आई। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड में कमी ने भी स्थायी समाधान की उम्मीद जगाई है, और लंबी खरीदारी में कमी के संकेत भी दिख रहे हैं।”
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